टीबी जांच और उपचार में रिकॉर्ड प्रदर्शन
लखनऊ। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय विशेष टीबी अभियान की जिला स्तरीय रैंकिंग में लखनऊ ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अभियान के दौरान टीबी की समय पर पहचान, जांच, उपचार तथा मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने सहित विभिन्न मानकों पर बेहतर कार्य के आधार पर जनपद ने यह उपलब्धि हासिल की है।
इस उपलब्धि पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी. सिंह ने कहा, “टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में समुदाय की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों, निजी चिकित्सकों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, निक्षय मित्रों, लैब टेक्नीशियन तथा जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों के समन्वित प्रयासों से ही जनपद यह उपलब्धि हासिल कर सका है। उन्होंने इस सफलता के लिए सभी को बधाई देते हुए कहा कि हमें इसी प्रतिबद्धता के साथ टीबी के प्रत्येक संभावित मरीज की समय पर पहचान, जांच, उपचार तथा उपचार पूर्ण कराने पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि टीबी मुक्त जनपद और टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सके।”
छह मानकों में 18 अंक, लखनऊ प्रदेश में अव्वल
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. ए.के. सिंघल ने बताया कि 100 दिवसीय विशेष टीबी अभियान 24 मार्च से 5 जुलाई तक संचालित किया गया। अभियान के दौरान जनपद ने छह प्रमुख सूचकांकों—लक्ष्य के सापेक्ष एक्स-रे जांच, एक्स-रे एग्जामिनेशन रेट, टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (टीपीटी) के अंतर्गत हाउसहोल्ड कॉन्टैक्ट कवरेज, एनएएटी (NAAT) टेस्ट, डिफरेंशिएटेड टीबी केयर रेट तथा टीबी मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराने—में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
उन्होंने बताया कि इन सभी छह सूचकांकों में जनपद को अधिकतम तीन-तीन अंक प्राप्त हुए, जिसके आधार पर कुल 18 अंक हासिल कर लखनऊ ने प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ टीबी के प्रत्येक संभावित मरीज तक समय पर जांच, गुणवत्तापूर्ण उपचार और पोषण सहायता पहुंचाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे, ताकि जनपद को शीघ्र टीबी मुक्त बनाया जा सके।
टीबी के लक्षण दिखें तो जांच जरूर कराएं
यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, भूख न लगना या बलगम में खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो वह बिना देर किए अपने निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर टीबी की जांच कराएं। टीबी की जांच और उपचार की सभी सुविधाएं सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध हैं। समय पर जांच और पूरा उपचार न केवल मरीज को स्वस्थ बनाता है, बल्कि संक्रमण को दूसरों तक फैलने से रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
