सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
लखनऊ। प्रदेश के कोटेदारों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर शासन स्तर पर गंभीरता दिखाई जा रही है। विभिन्न कोटेदार संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने आज खाद्य एवं रसद विभाग के मंत्री मनोज पाण्डेय से बापू भवन स्थित कार्यालय कक्ष में मुलाकात कर 13 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगों में कोटेदारों का कमीशन बढ़ाया जाना भी शामिल रहा, जिस पर मंत्री जी ने अधिकारियों के साथ गंभीरता से विचार-विमर्श किया।
प्रतिनिधिमंडल ने कमीशन वृद्धि के साथ-साथ परिवहन व्यय के शेष भुगतान, सिंगल स्टेज व्यवस्था के शासनादेश का प्रभावी अनुपालन, कोटेदारों को शिकायत दर्ज कराने के लिए अलग फोरम उपलब्ध कराने, ठेकेदारों द्वारा कम खाद्यान्न उपलब्ध कराए जाने की समस्या का समाधान, खाद्यान्न उतारने वाले वाहनों में कांटा एवं श्रमिक व्यवस्था सुनिश्चित करने, अन्नपूर्णा भवनों में बिजली कनेक्शन, खाद्यान्न दुकानों एवं कोटेदारों का बीमा तथा कोरोना काल के एक माह के लंबित लाभांश के भुगतान सहित अन्य मांगें रखीं।
कोटेदारों की समस्याओं पर जल्द होगी कार्रवाई
मंत्री मनोज पाण्डेय ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए तत्काल विभागीय अधिकारियों को बुलाकर बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने विशेष सचिव अतुल सिंह, अपर खाद्य आयुक्त कामता प्रसाद, अपर आयुक्त सत्यदेव सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोटेदारों से जुड़ी समस्याओं का परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खाद्य रसद मंत्री मनोज पाण्डेय ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी व्यवस्था है। इसमें कोटेदारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी समस्याओं का समाधान कर व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश गल्ला विक्रेता परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अशोक मेहरोत्रा, उपाध्यक्ष मनोज दुबे, आदर्श कोटेदार एवं उपभोक्ता वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, महासचिव महेश शुक्ला, ऑल इंडिया फेयर प्राइज शॉप डीलर एसोसिएशन के महासचिव अशोक सिंह सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
