सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी को आशय पत्र, मेट्रो विश्वविद्यालय के लिए नया अध्यादेश
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोक भवन, लखनऊ में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, व्यापक तथा गुणवत्तापरक बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार और गुणवत्ता दोनों स्तरों पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व जहां प्रदेश में केवल 16 राजकीय विश्वविद्यालय थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 24 हो चुकी है। इसी प्रकार निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 29 से बढ़कर 53 तक पहुंच गई है, जबकि 8 अन्य निजी विश्वविद्यालयों को आशय पत्र जारी करने की प्रक्रिया गतिमान है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि एपेक्स वेलफेयर ट्रस्ट, जो वाराणसी में उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं के लिए जाना जाता है, अब शिक्षा क्षेत्र में भी निवेश कर रहा है। ट्रस्ट द्वारा जनपद मीरजापुर के ग्राम समसपुर, तहसील चुनार में लगभग 50.45 एकड़ भूमि पर सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है, जिसकी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। कैबिनेट ने इस विश्वविद्यालय को आशय पत्र जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 एवं उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना) नियमावली, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप गहन परीक्षण एवं मूल्यांकन के उपरांत अनुमोदित किया गया है। यह निर्णय प्रदेश में निजी क्षेत्र की भागीदारी को सशक्त बनाने, युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने तथा क्षेत्रीय संतुलित विकास को गति देने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसके साथ ही, मंत्रिपरिषद द्वारा निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित विधिक ढांचे को और अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 2026 के प्रख्यापन का निर्णय लिया गया है। मंत्री ने बताया कि पूर्व में मेट्रो विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा की स्थापना हेतु संशोधन अध्यादेश, 2026 लागू किया गया था, किन्तु उससे संबंधित विधेयक विधानमंडल के द्वितीय सत्र में पारित नहीं हो सका। ऐसी स्थिति में विधिक निरंतरता बनाए रखने तथा प्रस्तावित विश्वविद्यालय की स्थापना प्रक्रिया को बाधारहित आगे बढ़ाने के लिए द्वितीय संशोधन अध्यादेश लाया जा रहा है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की स्पष्ट प्राथमिकता युवाओं को आधुनिक, तकनीकी एवं वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप शिक्षा प्रदान करना है। सरकार उच्च शिक्षा में निवेश, नवाचार, शोध एवं संस्थागत विकास को निरंतर बढ़ावा दे रही है, जिससे उत्तर प्रदेश को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया जा सके और प्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा के अग्रणी केंद्र के रूप में उभरे।
