TN

TotaRam News

What's Hot

बुद्ध पूर्णिमा पर सारनाथ में ‘बौद्ध महोत्सव’, शांति और धर्म का संदेश गूंजेगा

Table of Content

  • धम्म देशना, विपश्यना और संगोष्ठी से जुड़ेगा समाज, बुद्ध के विचारों को समझेगी नई पीढ़ी
  • ‘विश्व शांति के प्रतीक-भगवान बुद्ध’ विषय पर सारनाथ में जुटेंगे देश-विदेश के विद्वान
  • जन्म से महापरिनिर्वाण तक, बुद्ध का जीवन मानवता के लिए प्रेरणा : जयवीर सिंह

लखनऊ/ सारनाथ। बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर सारनाथ में दो भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जहां धर्म, संस्कृति और शांति का संदेश देखने को मिलेगा। अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया और इंडो-श्रीलंका इंटरनेशनल बुद्धिस्ट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में 1 मई को मूलगंध कुटी विहार, सारनाथ में सुबह ‘बौद्ध महोत्सव’ आयोजित किया जाएगा।
इसमें धम्म देशना, विपश्यना, परिचर्चा, भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन के साथ-साथ ‘विश्व शांति के प्रतीक-भगवान बुद्ध’ विषय पर निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। यह आयोजन आस्था और ज्ञान के साथ-साथ समाज को सकारात्मक दिशा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
इसी दिन शाम को केन्द्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के शान्तरक्षित लॉन में बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव संगोष्ठी आयोजित होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. वडछुग दोर्जे नेगी करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में हरगोविन्द बौद्ध उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर कई विद्वान वक्ता भगवान बुद्ध के विचारों और उनके वैश्विक महत्व पर अपने विचार रखेंगे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, बुद्ध पूर्णिमा का दिन भगवान गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ा हुआ है। इसी दिन वैशाख पूर्णिमा को लुंबिनी में 563 ईसा पूर्व उनका जन्म हुआ, बोधगया में उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और कुशीनगर में उन्होंने 483 ईसा पूर्व को 80 वर्ष की उम्र में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया यानी जन्म-मृत्यु के चक्र से पूरी तरह मुक्ति पाई। ये तीनों घटनाएं इस दिन को और भी पवित्र बनाती हैं।
उन्होंने बताया भगवान बुद्ध का संदेश आज भी पूरी दुनिया में शांति और करुणा का मार्ग दिखाता है। जापान, चीन, थाईलैंड, श्रीलंका, भूटान जैसे कई देशों में बौद्ध धर्म प्रमुख रूप से माना जाता है, वहीं भारत, नेपाल, अमेरिका, फ्रांस और जर्मनी सहित कई देशों में भी इसके अनुयायी बड़ी संख्या में हैं।
सारनाथ में होने वाले ये आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि समाज में शांति, सहिष्णुता और जागरूकता का संदेश भी देंगे। यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को भगवान बुद्ध के विचारों से जोड़ने और विश्व शांति के संदेश को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बनेंगे।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

बिहार के लछवार दुर्गा मंदिर में लगता है भूतों का मेला, जानिए क्या है मान्यता

आस्था और अंधविश्वास के बीच चर्चा का विषय है यहां की अनोखी परंपरा संजय मिश्र। गोपालगंज। आइए,आपको लेकर चलते उतर प्रदेश के देवरिया जिले से सटे बिहार के गोपालगंज जिले के एक ऐसे मंदिर में जहां नवरात्रि के समय में भूत-प्रेतों का मेला लगता है। बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित लछवार दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं...

लोकतंत्र की सफलता के लिए संविधान और उसकी संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना आवश्यक है

लोकतंत्र भारत के लोगों की जीवनशैली है हृदयनारायण दीक्षित। लोकतंत्र असाधारण अनुशासन से ही सफल होता है। भारत के संविधान निर्माताओं ने लोकतंत्र को संविधान व्यवस्था का मूल तत्व माना था। संविधान निर्माताओं ने इसीलिए संविधान मे अनेक संस्थाओं की व्यवस्था की। शासन के तीन मुख्य अंग बताए गए। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हमारी लोकतांत्रिक...

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 लोगों की मौत, 25 घायल

तेज बारिश के बाद पंडाल में बढ़ी भीड़, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश संजय मिश्र। कोलकाता। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान इलाके में शनिवार शाम दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित अन्य...

बाराबंकी का कुर्सी रोड औद्योगिक क्षेत्र बना Food & Beverage Hub, 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार

हिलटॉप ट्रेडर्स प्रतिदिन बनाती है 24 लाख बोतल कैप, यूपी में कोका-कोला की सप्लाई चेन को दे रही मजबूती लखनऊ। बाराबंकी स्थित यूपीसीडा (UPSIDA) का कुर्सी रोड औद्योगिक क्षेत्र खाद्य प्रसंस्करण, बेवरेज एवं सहायक विनिर्माण गतिविधियों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह औद्योगिक क्षेत्र रोजगार सृजन के साथ-साथ क्षेत्रीय आपूर्ति...

लखनऊ दिवाली मेला 2026: UP IASOWA के मेले में दिखेंगे यूपी के हस्तशिल्प, बनारसी साड़ी और महिला उद्यमियों के उत्पाद

लखनऊ में 24 अक्टूबर को लगेगा दिवाली मेला, भदोही की कालीन से बनारसी साड़ी तक मिलेंगे खास उत्पाद लखनऊ। लखनऊ में इस बार दिवाली की खरीदारी के साथ उत्तर प्रदेश की हस्तशिल्प कला और महिला उद्यमियों के हुनर को करीब से जानने का मौका मिलेगा। उत्तर प्रदेश आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन ( UP IASOWA) पहली...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.