तेज बारिश के बाद पंडाल में बढ़ी भीड़, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश
संजय मिश्र।
कोलकाता। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान इलाके में शनिवार शाम दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शाम को तेज बारिश शुरू होने के बाद श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या बारिश से बचने के लिए पंडाल के अंदर जाने लगी। पहले से ही पंडाल में काफी भीड़ मौजूद थी। ऐसे में प्रवेश द्वार और निकास गेट के आसपास अचानक दबाव बढ़ गया। बाहर निकलने की कोशिश कर रहे लोग भीड़ के बीच फंस गए, जिससे देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।
बारिश के बाद बढ़ी भीड़, प्रवेश-निकास मार्ग पर बिगड़े हालात
प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि बारिश के कारण पंडाल में श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई थी। प्रवेश और निकास के रास्तों पर पहले से मौजूद भीड़ के बीच अतिरिक्त लोगों के पहुंचने से हालात बिगड़ते चले गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारियों की ओर से की गई घोषणाओं और सीटी बजाए जाने के बाद अफरा-तफरी बढ़ने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि लाउडस्पीकर के जरिए चोरबागान पूजा समिति की ओर से वीआईपी पास धारकों को प्रवेश देने की घोषणा भी की गई थी। हालांकि, भगदड़ किन परिस्थितियों में शुरू हुई और इसके लिए कौन-से कारण जिम्मेदार थे, इसकी वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल
घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे और घायलों के उपचार की जानकारी ली। उन्होंने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं।प्रारंभिक कार्रवाई के तहत पूजा आयोजक क्लब के पदाधिकारियों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। जांच में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और पंडाल में की गई घोषणाओं की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल, घटना के कारणों और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच जारी है।
