TN

TotaRam News

What's Hot

गोरखपुर में श्री परमहंस योगानंद की जन्मस्थली पर यूपी सरकार बना रही 27.68 करोड़ का भव्य स्मारक

Table of Content

योगानंद जन्मस्थली स्मारक में संग्रहालय, ध्यान कक्ष और ऑडियो-विजुअल सेंटर की होगी व्यवस्था

लखनऊ/गोरखपुर। भारत की आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार गोरखपुर में श्री श्री परमहंस योगानंद महाराज की जन्मस्थली पर ‘श्री परमहंस योगानंद जन्मस्थली स्मारक’ का निर्माण करा रही है। यह परियोजना रांची स्थित योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया आश्रम की तर्ज पर विकसित की जा रही है। 27.68 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, काम लगभग 50 फीसदी पूरा हो चुका है और इसके दिसंबर 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी

ध्यान कक्ष, संग्रहालय और उद्यान से सजेगा योगानंद स्मारक

यह स्मारक रांची स्थित योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया आश्रम की स्थापत्य शैली से प्रेरित होकर विकसित किया जा रहा है। इसे एक शांत, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परिसर के रूप में तैयार किया जा रहा है, जहां विरासत और आधुनिक सुविधाओं का संतुलित समावेश होगा। रांची आश्रम की वास्तुकला के अनुरूप परिसर में लगी मौजूदा मिट्टी की टेराकोटा जालियों को पत्थर की जालियों से बदला जा रहा है, ताकि डिजाइन की एकरूपता बनी रहे। स्मारक को तीन मंजिलों में विकसित किया जा रहा है। भूतल पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था होगी, वहीं सामने और किनारे के हिस्सों में सुंदर उद्यान विकसित किए जा रहे हैं, जिससे आगंतुकों को शांत और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हो सके। पहली मंजिल पर ध्यान कक्ष और संग्रहालय बनाया जा रहा है, जहां आने वाले लोग परमहंस योगानंद के जीवन, उनके विचारों और शिक्षाओं को करीब से जान सकेंगे।

परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उन महान आध्यात्मिक विभूतियों की विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्होंने भारत की सांस्कृतिक परंपराओं को समृद्ध किया है। ‘श्री परमहंस योगानंद जन्मस्थली स्मारक’ उनकी जन्मभूमि पर एक गरिमामय और प्रेरणादायक स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा।” उन्होंने आगे कहा कि वर्ष 2025 में गोरखपुर में लगभग 30.42 लाख पर्यटक पहुंचे थे। ऐसे में यह स्मारक शहर के आध्यात्मिक पर्यटन को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।

मंत्री जयवीर सिंह ने इस पर जानकारी देते हुए आगे कहा कि, “जन्मस्थली के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने के लिए एक विशेष जन्मस्थली खंड भी विकसित किया जा रहा है। इसमें पैतृक आवास की मूल ईंटों के कुछ हिस्सों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि इस पवित्र स्थल की आध्यात्मिक आभा और ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित रखा जा सके।

उन्होंने बताया कि, दूसरी मंजिल पर भोजनशाला और रसोईघर की व्यवस्था होगी, जहां श्रद्धालुओं और आगंतुकों के लिए प्रसाद वितरण तथा भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आवासीय और मल्टीमीडिया सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तीसरी मंजिल पर दो बीएचके आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां एक आधुनिक ऑडियो-विजुअल कक्ष भी बनाया जाएगा, जहां आध्यात्मिक कार्यक्रमों, प्रस्तुतियों और विशेष आयोजनों का संचालन किया जा सकेगा।“

पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप ‘श्री परमहंस योगानंद जन्मस्थली स्मारक’ को एक प्रमुख आध्यात्मिक विरासत स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह स्मारक परमहंस योगानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ-साथ गोरखपुर के आध्यात्मिक पर्यटन तंत्र को भी सशक्त करेगा। रांची स्थित योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया आश्रम से प्रेरित यह परियोजना विरासत संरक्षण और पर्यटक-केंद्रित सुविधाओं का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी।”

भारत के आध्यात्मिक दूत थे योगानंद

श्री श्री परमहंस योगानंद महाराज का जन्म 5 जनवरी, 1893 को गोरखपुर में मुकुंद लाल घोष के रूप में हुआ था। वे भारत के सबसे प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरुओं में से एक माने जाते हैं। लाहिड़ी महाशय की गौरवशाली गुरु परंपरा के शिष्य के रूप में उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन क्रिया योग की प्राचीन विद्या के प्रचार-प्रसार को समर्पित कर दिया। वर्ष 1920 में वे अमेरिका गए, जहां उन्होंने सेल्फ-रियलाइजेशन फेलोशिप की स्थापना की और लाखों लोगों को भारत की योग एवं ध्यान परंपरा से परिचित कराया। पूर्व और पश्चिम के बीच आध्यात्मिक सेतु स्थापित करने वाले अग्रदूत के रूप में उन्हें वैश्विक पहचान मिली। 7 मार्च, 1952 को उन्होंने महा समाधि प्राप्त की।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

बिहार के लछवार दुर्गा मंदिर में लगता है भूतों का मेला, जानिए क्या है मान्यता

आस्था और अंधविश्वास के बीच चर्चा का विषय है यहां की अनोखी परंपरा संजय मिश्र। गोपालगंज। आइए,आपको लेकर चलते उतर प्रदेश के देवरिया जिले से सटे बिहार के गोपालगंज जिले के एक ऐसे मंदिर में जहां नवरात्रि के समय में भूत-प्रेतों का मेला लगता है। बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित लछवार दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं...

लोकतंत्र की सफलता के लिए संविधान और उसकी संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना आवश्यक है

लोकतंत्र भारत के लोगों की जीवनशैली है हृदयनारायण दीक्षित। लोकतंत्र असाधारण अनुशासन से ही सफल होता है। भारत के संविधान निर्माताओं ने लोकतंत्र को संविधान व्यवस्था का मूल तत्व माना था। संविधान निर्माताओं ने इसीलिए संविधान मे अनेक संस्थाओं की व्यवस्था की। शासन के तीन मुख्य अंग बताए गए। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हमारी लोकतांत्रिक...

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 लोगों की मौत, 25 घायल

तेज बारिश के बाद पंडाल में बढ़ी भीड़, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश संजय मिश्र। कोलकाता। उत्तरी कोलकाता के चोरबागान इलाके में शनिवार शाम दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सहित अन्य...

बाराबंकी का कुर्सी रोड औद्योगिक क्षेत्र बना Food & Beverage Hub, 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार

हिलटॉप ट्रेडर्स प्रतिदिन बनाती है 24 लाख बोतल कैप, यूपी में कोका-कोला की सप्लाई चेन को दे रही मजबूती लखनऊ। बाराबंकी स्थित यूपीसीडा (UPSIDA) का कुर्सी रोड औद्योगिक क्षेत्र खाद्य प्रसंस्करण, बेवरेज एवं सहायक विनिर्माण गतिविधियों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह औद्योगिक क्षेत्र रोजगार सृजन के साथ-साथ क्षेत्रीय आपूर्ति...

लखनऊ दिवाली मेला 2026: UP IASOWA के मेले में दिखेंगे यूपी के हस्तशिल्प, बनारसी साड़ी और महिला उद्यमियों के उत्पाद

लखनऊ में 24 अक्टूबर को लगेगा दिवाली मेला, भदोही की कालीन से बनारसी साड़ी तक मिलेंगे खास उत्पाद लखनऊ। लखनऊ में इस बार दिवाली की खरीदारी के साथ उत्तर प्रदेश की हस्तशिल्प कला और महिला उद्यमियों के हुनर को करीब से जानने का मौका मिलेगा। उत्तर प्रदेश आईएएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन ( UP IASOWA) पहली...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.