TN

TotaRam News

What's Hot

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने सेना उप प्रमुख का पदभार ग्रहण किया

Table of Content

डेस्क। लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम ने आज सेना उप प्रमुख (वीसीओएएस) का पदभार ग्रहण किया। खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व-छात्र धीरज सेठ दिसंबर 1986 में बख्तरबंद कोर में कमीशन प्राप्त हुए थे। लगभग चार दशकों के अपने कार्यकाल में उन्होंने विभिन्न भू-भागों और संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण संचालन अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें आतंकवाद विरोधी अभियान भी शामिल हैं।
उन्होंने रेगिस्तानी क्षेत्र में एक बख्तरबंद रेजिमेंट, विकसित क्षेत्र में एक बख्तरबंद ब्रिगेड और जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी बल की कमान संभाली है। लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद, उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली और बाद में दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अभियानों का नेतृत्व किया। सेना कमांडर के पद पर पदोन्नत होने के बाद, उन्होंने दक्षिण पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्य किया और पश्चिमी मोर्चे पर दो ऑपरेशनल कमांड की कमान संभालने का दुर्लभ गौरव प्राप्त किया।
लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने जम्मू-कश्मीर में एक स्वतंत्र बख्तरबंद ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर, अंगोला में संयुक्त राष्ट्र मिशन के साथ संचालन अधिकारी, सेना मुख्यालय में सहायक सैन्य सचिव, दक्षिण पश्चिमी कमान मुख्यालय में ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ ऑपरेशंस और अनुशासन, समारोह और कल्याण के महानिदेशक सहित कई महत्वपूर्ण स्टाफ और रणनीतिक पदों पर कार्य किया है।
क्षमता विकास और आधुनिकीकरण में एक विशिष्ट योगदानकर्ता के रूप में, उन्होंने सामरिक योजना और क्षमता विकास निदेशालयों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें मशीनीकृत बलों के लिए कर्नल क्षमता विकास, ब्रिगेडियर परिप्रेक्ष्य योजना और अधिग्रहण, और अपर महानिदेशक क्षमता विकास शामिल हैं और भारतीय सेना की दीर्घकालिक एकीकृत परिप्रेक्ष्य योजना और आधुनिकीकरण रोडमैप में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
जनरल ऑफिसर ने सभी पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और लगातार शीर्ष स्थान प्राप्त किए हैं। उन्होंने जूनियर कमांड कोर्स में प्रथम स्थान प्राप्त किया और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण छात्र अधिकारी पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने हायर कमांड कोर्स और प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस कॉलेज में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके अलावा, उन्होंने पेरिस में कमांड एंड स्टाफ कोर्स में भी भाग लिया है।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

यूपी मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना: किसानों के बच्चों को अब सालाना ₹60,000, छात्रवृत्ति सीटें दोगुनी

कृषि विश्वविद्यालय में 90 और महाविद्यालय में 30 विद्यार्थियों को सालाना ₹60 हजार की छात्रवृत्ति लखनऊ। प्रदेश सरकार ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए कृषि शिक्षा में छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटें दोगुनी कर दी हैं। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अब प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय...

राजनाथ सिंह का ताजिकिस्तान दौरा 19-20 अक्टूबर को, दुशान्बे में 25वीं SCO बैठक में लेंगे हिस्सा

व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग पर होगी चर्चा डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 19 और 20 अक्टूबर, 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे का दौरा करेंगे। इस दौरान वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस सम्मेलन में एससीओ सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग...

विंध्याचल में पर्यटन का तेजी से विस्तार, ‘विंध्य त्रिकोण’ से यूपी में शक्तिपीठ पर्यटन को मिल रही रफ्तार

मां विंध्यवासिनी धाम में अगस्त 2026 तक करीब 90 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन लखनऊ/मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के विंध्याचल में धार्मिक पर्यटन का दायरा अब मां विंध्यवासिनी मंदिर से आगे बढ़कर संपूर्ण ‘विंध्य त्रिकोण’ तक विस्तारित हो रहा है। मां विंध्यवासिनी, मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में वर्ष 2025 के दौरान कुल करीब...

बिहार के लछवार दुर्गा मंदिर में लगता है भूतों का मेला, जानिए क्या है मान्यता

आस्था और अंधविश्वास के बीच चर्चा का विषय है यहां की अनोखी परंपरा संजय मिश्र। गोपालगंज। आइए,आपको लेकर चलते उतर प्रदेश के देवरिया जिले से सटे बिहार के गोपालगंज जिले के एक ऐसे मंदिर में जहां नवरात्रि के समय में भूत-प्रेतों का मेला लगता है। बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित लछवार दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं...

लोकतंत्र की सफलता के लिए संविधान और उसकी संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना आवश्यक है

लोकतंत्र भारत के लोगों की जीवनशैली है हृदयनारायण दीक्षित। लोकतंत्र असाधारण अनुशासन से ही सफल होता है। भारत के संविधान निर्माताओं ने लोकतंत्र को संविधान व्यवस्था का मूल तत्व माना था। संविधान निर्माताओं ने इसीलिए संविधान मे अनेक संस्थाओं की व्यवस्था की। शासन के तीन मुख्य अंग बताए गए। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हमारी लोकतांत्रिक...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.