स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ सतत विकास की राह
लखनऊ। सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति के लिए स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के प्रयासों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बुधवार को होटल क्लार्क्स अवध में ‘सशक्त भविष्य: शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों को गति’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कौशल विकास और सार्वजनिक नीति के विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
SDGs की प्रगति में डेटा और नवाचार पर जोर
प्रमुख सचिव, नियोजन आलोक कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा SDGs की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। सफल प्रयासों और नवाचारों को साझा कर प्रभावी रणनीतियां तैयार की जा सकती हैं। डेटा, प्रौद्योगिकी और नवाचार के बेहतर उपयोग से योजनाओं के परिणामों को प्रभावी बनाया जा सकता है।
स्वास्थ्य और पोषण की चुनौतियों पर चर्चा
पहले सत्र में स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े SDGs की चुनौतियों और समाधान पर चर्चा हुई। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने बेहतर परिणामों के लिए डेटा, तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग को जरूरी बताया। अपर मुख्य सचिव, बाल विकास एवं पुष्टाहार लीना जौहरी ने बच्चों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। नीति आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. वी.के. पॉल ने स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा में निवेश को मानव विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कुपोषण और तकनीक पर मंथन
पैनल चर्चा में डॉ. श्वेता खंडेलवाल, रबी परही, डॉ. विनोद कुमार अग्रवाल, अनुपमा शांडिल्य और आशुतोष कुमार सिंह ने रोकथाम योग्य मौतों, बच्चों में कम वजन और अविकसित शारीरिक विकास की चुनौतियों पर विचार रखे। स्वास्थ्य ढांचे और डेटा व्यवस्था को AI से मजबूत करने पर हिमांशु बुराड, पीयूष एंटनी ,डॉ. कनिका अग्रवाल और डॉ आलोक सक्सेना ने विचार साझा किए।

शिक्षा और कौशल विकास पर जोर
दूसरे सत्र में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा SDGs की आधारशिला है और बेहतर शैक्षिक अवसर व आवश्यक कौशल से मानव विकास को मजबूती मिलती है। प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरि ओम ने कहा कि शिक्षा के साथ कौशल विकास युवाओं को रोजगार और बेहतर अवसरों से जोड़ता है। SDGs के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगारपरक प्रशिक्षण जरूरी है। वहीं शंकर नारायणन, विनोद कराटे, सुनील कुमार, प्रेम रंजन सिंह और विष्णु कांत पांडेय ने नामांकन, बच्चों को विद्यालयों में बनाए रखने, डिजिटल कौशल और सीखने के बेहतर परिणामों पर चर्चा की। चौथी औद्योगिक क्रांति के अनुरूप कौशल, रोजगार और करियर में बदलाव पर प्रो. बलवंत सिंह मेहता, डॉ. कृष्ण कुमार सिंह, डॉ. अनन्या समाजदार ,प्रणव बंसोडे और दीपक कुमार सिंह ने विचार रखे। व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े SDGs को गति देने पर भी मंथन हुआ।

