UP को ‘Skill Hub’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम: कपिल देव अग्रवाल
लखनऊ। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी “स्किल हब” बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। मिशन द्वारा राज्य के 13 प्रमुख विभागों को कौशल विकास प्रशिक्षण का प्रस्ताव भेजते हुए आगामी तीन महीनों में बड़े स्तर पर युवाओं को रोजगारपरक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत शहरी गरीब परिवारों, ग्रामीण युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों, अल्पसंख्यक समुदाय, निर्माण श्रमिक परिवारों, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तथा कारागारों से जुड़े युवाओं को उनकी रुचि एवं उद्योगों की वर्तमान मांग के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास को सबसे प्रभावी माध्यम के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमशीलता से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक वर्ग तक कौशल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विभागीय समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे द्वारा संबंधित विभागों को पत्र जारी कर प्रशिक्षण लक्ष्य एवं कार्ययोजना साझा करने का अनुरोध किया गया है। मिशन मुख्यालय द्वारा जून माह के प्रथम सप्ताह में प्रशिक्षण लक्ष्यों का आवंटन किए जाने की संभावना है। साथ ही सभी विभागों से नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है, ताकि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शीघ्र गति से संचालित किया जा सके।
इस पहल के अंतर्गत राज्य नगरीय विकास अभिकरण (SUDA), उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग के माध्यम से जेलों में निरुद्ध युवाओं को भी कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उनके पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जाएगी।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि UPSDM को राष्ट्रीय स्तर पर NCVET द्वारा ‘अवार्डिंग बॉडी’ की मान्यता प्राप्त है, जिससे प्रशिक्षण और प्रमाणन की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है। वर्तमान में मिशन से राजकीय संस्थानों के साथ प्रतिष्ठित निजी एवं औद्योगिक इकाइयां भी प्रशिक्षण पार्टनर के रूप में जुड़ी हुई हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत सरकार के ‘कॉस्ट कॉमन नॉर्म्स’ (CCN) के मानकों के अनुरूप संचालित किए जाएंगे, जिससे पारदर्शिता एवं गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित होंगी।
उन्होंने बताया कि UPSDM का उद्देश्य 14 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अल्पकालीन, रोजगारपरक एवं उद्योग आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। पिछले 10 वर्षों में मिशन द्वारा 8,09,494 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 3,04,810 युवाओं को रोजगार एवं सेवायोजन के अवसरों से जोड़ा गया है। यह प्रदेश में कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मिशन का लक्ष्य समाज के सबसे निर्धन परिवारों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है। सभी विभागों के सहयोग से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, राज्य नगरीय विकास अभिकरण (SUDA), संयुक्त आयुक्त उद्योग कार्यालय, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग, महिला कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पर्यटन विभाग तथा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग निदेशालय को प्रशिक्षण प्रस्ताव भेजा गया है।
