TN

TotaRam News

What's Hot

Yogi Adityanath ने वाराणसी में ‘स्कूल चलो अभियान 2026-27’ का किया शुभारंभ

Table of Content

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी के शिवपुर के कंपोजिट विद्यालय में नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए “स्कूल चलो अभियान” का शुभारंभ किया और शैक्षिक नवाचार एवं उपलब्धियों की पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कक्षा एक के छात्र विकास और अंशिका गुप्ता, कक्षा दो की छात्रा श्रेया सोनकर, कक्षा तीन की छात्रा कजरी, कक्षा चार की छात्रा दीपशिखा, कक्षा पांच की छात्रा रोली सोनकर, कक्षा छह की छात्राएं श्रेया यादव और कली केशरी, कक्षा सात की छात्रा रुचि यादव और कक्षा आठ की छात्रा साक्षी गुप्ता को पाठ्यपुस्तकों और शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया।
मुख्यमंत्री ने जनपद के पांच “निपुण विद्यालयों” के प्रधानाध्यापकों (प्राथमिक विद्यालय नयापुर, प्राथमिक विद्यालय सगुनाहा, प्राथमिक विद्यालय फरीदपुर, कंपोजिट विद्यालय भसार और कंपोजिट विद्यालय महमूरगंज) को प्रमाण पत्र वितरित किए । उन्होंने पांच “निपुण विद्यार्थियों” (अभय कुमार पटेल, जानवी, श्रेयांश, नैंसी और सरस्वती) को भी प्रमाण पत्र प्रदान किए,
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने “स्कूल चलो अभियान” के महत्व को रेखांकित किया, बताया कि यह अभियान 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए है।
मंत्री ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पिछले नौ वर्षों में परिषदीय बेसिक शिक्षा विद्यालयों में किए गए सुधारों पर प्रकाश डाला, जिसमें मूलभूत सुविधाओं का विकास, ड्रॉपआउट दर में कमी और नामांकन अनुपात में वृद्धि शामिल है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश निपुण भारत अभियान के तहत पहले स्थान पर है, और बालिकाओं की शिक्षा को मजबूत करने के लिए 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 8 से 12 तक उन्नत किया जा रहा है और शेष ब्लॉकों में नए विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए बाल वाटिका की शुरुआत का भी उल्लेख किया, जहां 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाएगी। मंत्री ने समाज के सभी वर्गों से “स्कूल चलो अभियान” में सक्रिय रूप से भाग लेने और यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले की “नकल वाली शिक्षा” की तुलना में, वर्तमान सरकार नकलविहीन परीक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से बच्चों के भविष्य को संवारने का काम कर रही है।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

यूपी मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना: किसानों के बच्चों को अब सालाना ₹60,000, छात्रवृत्ति सीटें दोगुनी

कृषि विश्वविद्यालय में 90 और महाविद्यालय में 30 विद्यार्थियों को सालाना ₹60 हजार की छात्रवृत्ति लखनऊ। प्रदेश सरकार ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए कृषि शिक्षा में छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटें दोगुनी कर दी हैं। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अब प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय...

राजनाथ सिंह का ताजिकिस्तान दौरा 19-20 अक्टूबर को, दुशान्बे में 25वीं SCO बैठक में लेंगे हिस्सा

व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग पर होगी चर्चा डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 19 और 20 अक्टूबर, 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे का दौरा करेंगे। इस दौरान वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस सम्मेलन में एससीओ सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग...

विंध्याचल में पर्यटन का तेजी से विस्तार, ‘विंध्य त्रिकोण’ से यूपी में शक्तिपीठ पर्यटन को मिल रही रफ्तार

मां विंध्यवासिनी धाम में अगस्त 2026 तक करीब 90 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन लखनऊ/मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के विंध्याचल में धार्मिक पर्यटन का दायरा अब मां विंध्यवासिनी मंदिर से आगे बढ़कर संपूर्ण ‘विंध्य त्रिकोण’ तक विस्तारित हो रहा है। मां विंध्यवासिनी, मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में वर्ष 2025 के दौरान कुल करीब...

बिहार के लछवार दुर्गा मंदिर में लगता है भूतों का मेला, जानिए क्या है मान्यता

आस्था और अंधविश्वास के बीच चर्चा का विषय है यहां की अनोखी परंपरा संजय मिश्र। गोपालगंज। आइए,आपको लेकर चलते उतर प्रदेश के देवरिया जिले से सटे बिहार के गोपालगंज जिले के एक ऐसे मंदिर में जहां नवरात्रि के समय में भूत-प्रेतों का मेला लगता है। बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित लछवार दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं...

लोकतंत्र की सफलता के लिए संविधान और उसकी संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना आवश्यक है

लोकतंत्र भारत के लोगों की जीवनशैली है हृदयनारायण दीक्षित। लोकतंत्र असाधारण अनुशासन से ही सफल होता है। भारत के संविधान निर्माताओं ने लोकतंत्र को संविधान व्यवस्था का मूल तत्व माना था। संविधान निर्माताओं ने इसीलिए संविधान मे अनेक संस्थाओं की व्यवस्था की। शासन के तीन मुख्य अंग बताए गए। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हमारी लोकतांत्रिक...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.