बंदियों के परिजनों हेतु लीगल हेल्प डेस्क स्थापित, महिला बंदियों को चश्मों का वितरण
लखनऊ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा जारी एक्शन प्लान वर्ष 2026-27 के अंतर्गत तथा District Judge Malkhan Singh के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा आज District Jail का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बंदियों के परिजनों की सुविधा हेतु कारागार परिसर के बाहर लीगल Help Desk की स्थापना की गई, जिससे उन्हें विधिक सहायता संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य बंदियों एवं उनके परिजनों को सुलभ एवं त्वरित विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की पहल से न्याय तक पहुंच को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाया जा सकेगा। कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया पयामे इंसानियत फोरम द्वारा बंदियों के उपयोग हेतु एक वाटर कूलर तथा महिला बंदियों के लिए नजर के 30 चश्मे उपलब्ध कराए गए।
महिला अस्पताल का निरीक्षण कर बंदियों को दी गई सुविधाएं
सचिव द्वारा लीगल हेल्प डेस्क एवं वाटर कूलर का उद्घाटन रिबन काटकर किया गया। इस अवसर पर कारागार के वरिष्ठ अधीक्षक आर०के० जायसवाल, जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी, राजेश कुमार, सुनील दत्त मिश्रा एवं अभय शुक्ला सहित लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता, फोरम के सदस्य एवं बंदियों के परिजन उपस्थित रहे। इसके उपरांत जिला कारागार, लखनऊ स्थित महिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया तथा निरुद्ध महिला बंदियों को 30 चश्मों का वितरण किया गया। इस पहल से महिला बंदियों को दैनिक जीवन में सुविधा प्राप्त होगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सभी जरूरतमंदों से अपील की गई है कि वे विधिक सहायता के लिए स्थापित लीगल हेल्प डेस्क का लाभ उठाएं और किसी भी प्रकार की विधिक समस्या के समाधान हेतु प्राधिकरण से संपर्क करें।
