लखनऊ। डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम्, प्रमुख सचिव (तकनीकी शिक्षा) ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय, लखनऊ में आयोजित विश्वविद्यालय की कार्यकारी समिति की बैठक में भाग लिया। दौरे के दौरान उन्होंने कॉलेज और स्कूली छात्रों के लिए संचालित ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस का अवलोकन किया। उन्होंने कुलपति डॉ. ए.के. पांडे से अनुरोध किया कि अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ में भी बस भेजी जाए ताकि वहां के छात्र भी अत्याधुनिक मोबाइल प्रयोगशाला का अनुभव प्राप्त कर सकें।
प्रमुख सचिव के अनुरोध पर 14 मई को ‘Lab on Wheels’ बस को अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ भेजा गया। छात्रों ने उत्साहपूर्वक प्रयोगशाला का दौरा किया, स्वयं कुछ सुविधाओं का उपयोग किया और कई प्रश्न पूछे। बच्चों के उत्साह को देखते हुए प्रमुख सचिव ने AKTU के VC से ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद प्रदेश के अन्य सभी 17 अटल आवासीय विद्यालयों और 24 विहान आवासीय विद्यालयों में भी ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस भेजने का अनुरोध किया है। छात्रों का ग्रीष्मकालीन अवकाश 19 मई से प्रारंभ हो रहा है।
UP के अटल और विहान आवासीय विद्यालय: शिक्षा मॉडल, परीक्षा परिणाम और संरचना की खास जानकारी
प्रमुख सचिव सुंदरम ने बताया कि अटल आवासीय विद्यालय निर्माण श्रमिकों के बच्चों और कोविड काल में माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए बनाए गए हैं। उत्तर प्रदेश में प्रत्येक मंडल में एक विद्यालय के हिसाब से कुल 18 विद्यालय संचालित हैं। ये विद्यालय सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा प्रदान करते हैं। प्रत्येक विद्यालय में 1000 विद्यार्थियों (500 बालक और 500 बालिका) के आवास की क्षमता है। नवोदय, केंद्रीय एवं सैनिक विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षक तथा चयनित परिषदीय शिक्षक यहां अध्यापन कार्य कर रहे हैं।
अटल आवासीय विद्यालयों के पहले बैच के 2178 विद्यार्थियों ने इस वर्ष कक्षा 10 की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में 93.15% उत्तीर्ण प्रतिशत प्राप्त किया। प्रयागराज और वाराणसी के विद्यालयों का परिणाम 100% रहा, जबकि 15 विद्यालयों का पास प्रतिशत 90% से अधिक रहा। विहान आवासीय विद्यालय श्रम विभाग द्वारा संचालित हैं। प्रदेश के 12 जिलों में कुल 24 विद्यालय संचालित हैं, प्रत्येक जिले में बालक और बालिका के लिए एक-एक विद्यालय। ये विद्यालय राज्य पाठ्यक्रम से संबद्ध हैं और इनमें हिंदी माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक शिक्षा दी जाती है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की तर्ज पर बने इन विद्यालयों में प्रत्येक कक्षा में 100 विद्यार्थियों की क्षमता है।
