एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने की कार्रवाई, अर्जन के अधिकारियों से जवाब तलब
लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण में भूमि अर्जन के एक मामले में लापरवाही सामने आने पर अर्जन अनुभाग में तैनात सर्वेयर उदय नारायण को निलम्बित कर दिया गया है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को निलम्बन आदेश जारी कर दिया है। साथ ही अर्जन अनुभाग में पदस्थ अधिकारियों से जवाब तलब किया गया है।
एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि जियामऊ में गोमती बैराज से लामार्टिनियर तक सुनियोजित विकास योजना भाग-1 के अंतर्गत प्राधिकरण द्वारा मजहर अली खान की भूमि अर्जित की गयी थी। जिसमें अपर जिलाधिकारी द्वारा भूमि के प्रतिकर की धनराशि निर्धारित की गयी थी। निर्धारित प्रतिकरण से संतुष्ट न होने पर भू-स्वामी ने लारा कोर्ट में वाद योजित किया था। प्राधिकरण की ओर से प्रभावी पैरवी न होने के कारण न्यायालय ने प्रतिकर में बढ़ोत्तरी करते हुए आदेश पारित कर दिया।
उक्त आदेश के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में अपील दाखिल किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गयी। प्राधिकरण की ओर से नामित अधिवक्ता द्वारा मार्च 2026 में माननीय उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की गयी। लेकिन, कोर्ट फीस का भुगतान समय से नहीं किये जाने के कारण अपील पर सुनवायी नहीं हो सकी। उधर, भू-स्वामी ने पूर्व पारित आदेश के अनुपालन के लिए लारा कोर्ट में निष्पादन वाद दाखिल कर दिया। जिसमें लारा कोर्ट द्वारा प्राधिकरण के विरुद्ध 52 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि का कुर्की आदेश पारित कर दिया गया।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने प्रकरण की समीक्षा में पाया कि अगर मार्च 2026 में समयानुसार कार्रवाई कर दी जाती, तो कुर्की की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। मामले में लापरवाही उजागर होेने पर उपाध्यक्ष ने सर्वेयर उदय नारायण को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए जांच के आदेश दिये हैं। नव नियुक्त संयुक्त सचिव अरविंद कुमार को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
