TN

TotaRam News

What's Hot

E20 Petrol Safety: सरकार ने वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को सुरक्षित बताया

Table of Content

सरकार का दावा, वैज्ञानिक जांच में वाहन प्रदर्शन पर नहीं मिला असर

डेस्क। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम को नीति आयोग, ऑटोमोबाइल निर्माताओं, तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी), ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम), भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) और अन्य तकनीकी संस्थानों को शामिल करते हुए एक चरणबद्ध, वैज्ञानिक रूप से मान्य और परामर्श प्रक्रिया के माध्यम से लागू किया गया है।

इथेनॉल कोई नया ईंधन नहीं है। इसका उपयोग विश्व-स्तर पर एक सदी से अधिक समय से हो रहा है, और ब्राजील जैसे देश दशकों से उच्च इथेनॉल मिश्रण का उपयोग कर रहे हैं। भारत में, इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम वर्ष 2001 में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ, वर्ष 2006 में ई5 को पेश किया गया, और यद्यपि वर्ष 2013-14 में मिश्रण लगभग 1.53 प्रतिशत रहा, आवश्यक उत्पादन क्षमता, बुनियादी ढांचे और नियामक ढांचे के निर्माण के बाद इसे धीरे-धीरे और सुनियोजित तरीके से बढ़ाया गया है। उच्च इथेनॉल मिश्रणों को लागू करने का कार्य ऑटोमोबाइल निर्माताओं, एसआईएएम, एआरएआई, घटक निर्माताओं, परीक्षण एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों के साथ व्यापक परामर्श के बाद ही किया गया था।

E20 ईंधन को वैज्ञानिक परीक्षणों में सुरक्षित बताया गया

ईंधन दक्षता, इंजन प्रदर्शन, रखरखाव लागत और समग्र ड्राइविंग अनुभव के संबंध में ई20 पेट्रोल के उपयोग को लेकर वाहन निर्माताओं, ऑटोमोबाइल संघों या उपभोक्ता संगठनों से सरकार को कोई व्यापक या पुष्ट शिकायत प्राप्त नहीं हुई है । हालांकि, सरकार ने मीडिया और सोशल मीडिया में उठाई गई कुछ समस्याओं पर ध्यान दिया है, जिनकी वैज्ञानिक रूप से जांच की गई है।

एआऱएआई, एसआईएएम, आईओसीएल, आईआईपी और ऑटोमोबाइल निर्माताओं द्वारा किए गए व्यापक प्रयोगशाला अध्ययनों और क्षेत्र परीक्षणों में इंजन की मजबूती, चलाने की क्षमता, स्टार्ट करने की क्षमता, जंग प्रतिरोध, सामग्री अनुकूलता, उत्सर्जन और ईंधन दक्षता जैसे मापदंडों को शामिल किया गया है और यह पुष्टि की गई है कि ई20 निर्धारित मानकों के अंतर्गत उपयोग के लिए सुरक्षित है।

इन अध्ययनों से यह भी सिद्ध हुआ कि ई20 ईंधन के कारण पारंपरिक वाहनों के प्रदर्शन में कोई महत्वपूर्ण बदलाव या असामान्य टूट-फूट नहीं होती है। व्यापक प्रयोगशाला अध्ययनों, क्षेत्र सत्यापन और वास्तविक परिचालन अनुभव से ई20 ईंधन के कारण वाहन के प्रदर्शन पर किसी व्यापक प्रतिकूल प्रभाव की पुष्टि नहीं हुई है। सरकार का आकलन न केवल प्रयोगशाला अनुसंधान पर आधारित है, बल्कि राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन के बाद व्यापक अनुभव पर भी आधारित है। देश में प्रतिदिन लगभग 8 करोड़ वाहन खुदरा दुकानों पर आते हैं (जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत पेट्रोल वाहन होते हैं)।

E20 ईंधन पर 23 करोड़ से अधिक वाहन सुरक्षित चल रहे

ई15+ मिश्रित पेट्रोल का व्यापक उपयोग साढ़े तीन साल से अधिक समय से हो रहा है और ई19-ई20 ईंधन का उपयोग ढाई साल से अधिक समय से हो रहा है। 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से अधिक पेट्रोल कारें इन मिश्रित ईंधनों पर चल रही हैं और इथेनॉल मिश्रण के कारण इंजन की व्यापक खराबी या वाहन के टूटने का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। निर्माता सेवा डेटा इस बात की पुष्टि करता है कि ई20 ईंधन के कारण असामान्य जंग, घिसाव या वाहन के जीवनकाल में कमी नहीं होती है। निर्माता ई20 ईंधन का उपयोग करने वाले वाहनों के लिए वारंटी दायित्वों का पालन करना जारी रखते हैं, जिससे इसकी सुरक्षा और विश्वसनीयता में और अधिक विश्वास बढ़ता है।

एक प्रमुख ओईएम ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 2.84 करोड़ वाहनों की सर्विसिंग की, जिनमें लगभग 1.5 करोड़ वाहन ऐसे थे जिन्हें मूल रूप से ई20-संगत प्रमाणित नहीं किया गया था। कंपनी ने ई20 से संबंधित जंग, असामान्य घिसाव या पुर्जों के जीवनकाल में कमी की कोई रिपोर्ट नहीं दी। एक प्रमुख दोपहिया वाहन कंपनी ने भी इसी तरह का अनुभव बताया है। एक ओईएम ने हाल ही में कहा कि 1.4 करोड़ ई20-चालित वाहनों के लंबे समय तक किए गए सर्वेक्षण के आंकड़ों से इथेनॉल-प्रेरित जंग का कोई सबूत नहीं मिला। एआरएआई ने पुनः पुष्टि की कि वाहन उपभोक्ताओं तक पहुंचने से पहले सख्त अंतरराष्ट्रीय मानक सत्यापन से गुजरते हैं।

E20 ईंधन से बेहतर इंजन प्रदर्शन का दावा

सरकारी एजेंसियों और वाहन निर्माताओं द्वारा माइलेज के संदर्भ में किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि ईंधन दक्षता कई कारकों से प्रभावित होती है, जिनमें ड्राइविंग की स्थितियाँ, ड्राइविंग के तरीके और वाहन का रखरखाव शामिल हैं। कुछ ई10 डिज़ाइन वाले वाहनों में ईंधन दक्षता में कमी आमतौर पर लगभग 3-5 प्रतिशत तक ही सीमित होती है, जबकि ई20 उच्च ऑक्टेन रेटिंग, बेहतर एंटी-नॉकिंग गुण, स्वच्छ दहन और सुचारू इंजन प्रदर्शन प्रदान करता है।

ई20 के वैज्ञानिक मूल्यांकन और चरणबद्ध कार्यान्वयन के हर चरण में ऑटोमोबाइल निर्माता, घटक आपूर्तिकर्ता, एसआईएएम, एआरएआई, परीक्षण एजेंसियां ​​और तेल विपणन कंपनियां शामिल थीं। ईंधन प्रणालियों, इंजन की मजबूती, संचालन क्षमता, उचित सामग्री अनुकूलता और उत्सर्जन प्रदर्शन के सफल सत्यापन के बाद ही ई20 को लागू किया गया। इन अध्ययनों से यह भी सिद्ध हुआ कि ई20 के कारण पुराने वाहनों के प्रदर्शन में कोई महत्वपूर्ण बदलाव या असामान्य टूट-फूट नहीं होती है।

एसआईएएम और एआरएआई के अनुसार, ई20 त्वरण और सवारी की गुणवत्ता में सुधार करता है, साथ ही कार्बन उत्सर्जन को कम करता है। इथेनॉल का उच्च ऑक्टेन मान आधुनिक उच्च-संपीड़न इंजनों के लिए उपयुक्त है और इसकी उच्च वाष्पीकरण ऊष्मा दहन दक्षता को बढ़ाती है।

E20 से 1.97 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा बचत

ई20 की ओर बदलाव से राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हुए हैं। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम से 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है, लगभग 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रतिस्थापन हुआ है, लगभग 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है और किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ हस्तांतरित हुआ है।

तेल और गैस कंपनियां खरीद, मिश्रण, भंडारण, परिवहन और खुदरा वितरण से संबंधित सख्त मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करती हैं। ईंधन की गुणवत्ता की जांच डिस्टिलरी, डिपो और खुदरा आउटलेट पर की जाती है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर, तेल और गैस कंपनियों ने मिलावट का पता लगाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि उपभोक्ताओं तक केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप ईंधन ही पहुंचे, खुदरा आउटलेट्स पर 30 हजार से अधिक गुणवत्ता जांच (पिछले 10-20 दिनों में) की हैं। राज्य सरकारों से भी ईंधन में मिलावट के किसी भी मामले के प्रति सख्त रवैया अपनाने का अनुरोध किया गया है।

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने ई20 ईंधन से संबंधित शिकायतों और सुझावों सहित ग्राहकों की शिकायतों और सुझावों को प्राप्त करने, उनकी जांच करने और उनका समाधान करने के लिए मजबूत उपभोक्ता शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किए हैं। ग्राहक अपनी शिकायतें कई ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यमों से दर्ज करा सकते हैं, जैसे कि सभी खुदरा दुकानों पर उपलब्ध शिकायत/सुझाव रजिस्टर, टोल-फ्री ग्राहक सेवा नंबर, कंपनी की वेबसाइट और मोबाइल एप्लिकेशन, ग्राहक संबंध प्रबंधन (सीआरएम) सिस्टम, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ईमेल और केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम)। शिकायतों के तत्काल निवारण के लिए डीलरों और संबंधित फील्ड अधिकारियों के संपर्क विवरण खुदरा दुकानों पर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाते हैं। इन सभी माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की ओएमसी की स्थापित प्रक्रियाओं के अनुसार विधिवत जांच की जाती है और निर्धारित समय सीमा के अंदर उनका समाधान किया जाता है।

E20 ईंधन पर जागरूकता अभियान जारी

ई20 ईंधन की तकनीकी अनुकूलता और प्रदर्शन संबंधी किसी भी समस्या के बिना सभी पेट्रोल वाहनों के साथ इसके उपयोग के बारे में उपभोक्ताओं को शिक्षित करने के लिए जन जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं, साथ ही इथेनॉल मिश्रण के पर्यावरणीय और ऊर्जा सुरक्षा लाभों के बारे में भी बताया जाता है। शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से प्राप्त उपभोक्ता प्रतिक्रिया की ओएमसी द्वारा नियमित रूप से निगरानी की जाती है, और जहां भी आवश्यक हो, उचित सुधारात्मक उपाय किए जाते हैं ताकि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए उपभोक्ता विश्वास सुनिश्चित किया जा सके।
यह जानकारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने आज लोकसभा में लिखित जवाब में दी।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

UPITS 2026 में दिखा हुनर का जादू, ‘आओ करके सीखें’ थीम ने खींचा दर्शकों का ध्यान

UPSDM पवेलियन में हुनर से रूबरू हुए दर्शक, खुद हाथ आजमाकर सीखे कौशल ग्रेटर नोएडा/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश की कला, कौशल और कारीगरी को वैश्विक मंच देने वाले UP International Trade Show 2026 (UPITS) के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) के पवेलियन में हुनर का अलग ही रंग देखने को मिला। ‘आओ...

अमित शाह ने केरलम के कोल्लम में महिला सशक्तीकरण और सहकारिता से जुड़ी विभिन्न पहलों का शुभारंभ किया

अमित शाह ने ‘वनिथम शी मार्ट शॉप्स’ का लोकार्पण किया  डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सहकार से समृद्धि” के विजन के अनुरूप तथा सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिला-नेतृत्व वाले विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित...

Guntur-Nambur के बीच ₹108 करोड़ के चार लेन ROB की आधारशिला रखी गई

668 मीटर लंबे पुल से लेवल क्रॉसिंग गेट नंबर-3 हटेगा, यातायात और रेल सुरक्षा में होगा सुधार डेस्क। “नया रेलवे, नया आंध्र प्रदेश” की परिकल्पना के तहत शहरी आवागमन और रेल सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, गुंटूर और नंबूर रेलवे स्टेशनों के बीच चार लेन वाले रोड ओवर...

मनमोहन सिंह की जयंती पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि

कहा- लंबे सार्वजनिक जीवन में समर्पण के साथ राष्ट्र की सेवा की डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह ने कई वर्षों तक सार्वजनिक जीवन में रहकर समर्पण के साथ राष्ट्र की सेवा की। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर...

लगातार बारिश के बीच दुबग्गा मंडी पहुंचे मंडी निदेशक, अपनी मौजूदगी में कराई जल निकासी

सफाई व्यवस्था में शिथिलता पर मंडी सचिव को फटकार लखनऊ। लगातार बारिश के दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जल निकासी व्यवस्था सुचारू रखने के लिए अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के क्रम में मंडी निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को दुबग्गा मंडी का औचक निरीक्षण किया। पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.