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आगरा का बटेश्वर धाम बनेगा ग्लोबल स्पिरिचुअल टूरिज्म हब, 101 शिव मंदिर होंगे मुख्य आकर्षण

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71.50 करोड़ की परियोजना से बदलेगा बटेश्वर धाम का स्वरूप

लखनऊ/आगरा। आगरा जनपद स्थित पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव एवं 101 प्राचीन शिव मंदिरों की श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध बटेश्वर धाम को आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य आगे बढ़ रहा है। भारत सरकार की एसएएससीआई योजना के अंतर्गत 71.50 करोड़ रुपए की लागत से संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक 56.11 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बटेश्वर धाम में विश्व स्तरीय पर्यटन सुविधाओं के विकास का कार्य तेजी से जारी है। परियोजना के दिसंबर 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से विरासत और आध्यात्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार बटेश्वर धाम के समेकित विकास के जरिए इसकी प्राचीन विरासत को सहेजने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ये भी कहा कि आगरा देशी-विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बनकर उभरा है। वर्ष 2025 में यहां 1.83 करोड़ पर्यटकों ने भ्रमण किया, जो प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के तेजी से बढ़ने का प्रमाण है।’

बटेश्वर धाम में पर्यटकों के लिए क्या होगा खास?

बटेश्वर धाम की समेकित पर्यटन विकास परियोजना को तीन प्रमुख हिस्सों- विज़िटर सपोर्ट एवं आवास क्षेत्र, सूचना क्षेत्र तथा सेंट्रल लैंडस्केप क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक व्यवस्था तैयार की जाएगी। विज़िटर सपोर्ट एवं आवास क्षेत्र में पार्किंग, स्वच्छ सार्वजनिक शौचालय व पुरुष एवं महिला आगंतुकों के लिए करीब 20 कमरों की क्षमता वाले अलग-अलग डॉरमेट्री का निर्माण होगा। पर्यटकों के लिए कैफेटेरिया, फूड कियोस्क, सोवेनियर शॉप (स्मारिका दुकान) और बच्चों के लिए इंटरैक्टिव जोन आदि तैयार किए जायेंगे। वहीं, बटेश्वर के रमणीय स्थलों का आनंद लेने के लिए ओपन सीटिंग एरिया सहित आधुनिक पर्यटन सुविधा केंद्र भी बनाए जाएंगे।

शिव पुराण, समुद्र मंथन और शिव सहस्रनाम से प्रेरित गैलरी  

आध्यात्मिकता और संस्कृति के अद्भुत संगम को दर्शाने वाले सूचना क्षेत्र में पर्यटकों को आधुनिक तकनीक से जुड़ा अनूठा अनुभव मिलेगा। यहां विकसित की जा रही इंटरैक्टिव गैलरी और थीम आधारित आकर्षण श्रद्धालुओं व पर्यटकों को भारतीय आध्यात्मिक विरासत से रूबरू कराएंगे। म्यूजियम गैलरी-1 में वेदों और शिव पुराण की कथाओं को डिजिटल माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं, म्यूजियम गैलरी-2 में चार धाम गैलरी और समुद्र मंथन गैलरी विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। जबकि, ‘शिवसहस्रनाम’ से प्रेरित विशेष हिस्से में भगवान शिव के विविध स्वरूपों और उनकी महिमा को थीम आधारित इंस्टॉलेशन के जरिए आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा

‘ध्यान पथ’ और ‘शिव प्रांगण’ होगा खास 

परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण सेंट्रल लैंडस्केप क्षेत्र होगा, जिसे आध्यात्मिक और अनुभवात्मक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आध्यात्मिकता, प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। विशाल वटवृक्ष के साथ भगवान शिव की ध्यानमग्न भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसके चारों ओर आकर्षक ‘ध्यान पथ’ और ‘शिव प्रांगण’ विकसित किया जाएगा। यह परिसर श्रद्धा, शांति और आध्यात्मिक अनुभूति का विशेष केंद्र बनेगा।

पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन

इसके अलावा, परियोजना के तहत पंचमहाभूत- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश को समर्पित भव्य ‘पंचभूत शिव स्कल्पचर गार्डन’ विकसित किया जाएगा। साथ ही, 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियों से सुसज्जित ‘शिवलिंगम पार्क’ और यमुना व भगवान शिव के आध्यात्मिक संबंध को दर्शाने वाला आकर्षक ‘कालिंदी वनम’ भी बनाया जाएगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह परिसर आध्यात्मिक अनुभूति का नया केंद्र बनेगा। परियोजना की भव्यता को और विस्तार देते हुए सेवा के प्रतीक नंदी प्रतिमा की विशाल प्रतिमा की स्थापना भी की जाएगी।

पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा बटेश्वर- मंत्री 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘बटेश्वर धाम का समेकित विकास उत्तर प्रदेश को वैश्विक आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ‘हेरिटेज रिवाइवल कॉरिडोर’ के रूप में परिकल्पित यह परियोजना बटेश्वर की प्राचीन सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को संरक्षित करते हुए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ेगी। इससे न केवल देश-विदेश से आने वाले आगंतुकों को नया आध्यात्मिक अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा राज्य के लोकप्रिय के साथ अल्पज्ञात स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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