प्रदेश के सभी 75 ज़िलों में भव्य आयोजन होंगे – राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप
लखनऊ। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने आज अपनेे सरकारी कार्यालय में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि उ0प्र0 सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है और बड़ी धनराशि दिव्यांगजनों के कल्याण एवं विकास हेतु व्यय की जा रही है, लेकिन पब्लिक डोमेन में सरकार के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण उत्पन्न नहीं हो पा रहा है, जिस पर मंत्री ने सख्त टिप्पणी करते हुऐ संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि विभागीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया जाए।
इसी सन्दर्भ ने मंत्री ने बताया कि आगामी 17 सितम्बर को एक भव्य आयोजन के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा विभागीय योजनाओं के पात्र दिव्यांगजन उम्मीदवारों को लाभान्वित किया जायेगा। इसी के साथ ही प्रदेश के सभी 75 ज़िलो में भी मण्डल व ज़िला स्तर पर बड़े आयोजन किये जायेंगे, जिसमें एम0पी0, एम0एल0ए0, प्रभारी मंत्री, डी0एम0, एस0डी0एम0 व जन प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे। चिन्हित लाभार्थियों को उपकरण वितरण हेतु 17 सितम्बर 2026 से 02 अक्टूबर 2026 तक वितरण शिविर आयोजित करने के निर्देश।
दिव्यांग पेंशन और सहायक उपकरण योजनाओं की समीक्षा
मंत्री कश्यप ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुऐ बताया कि दिव्यांग पेंशन योजना कुल ₹1,47,004.69 लाख का बजट का प्राविधान किया गया है, जिसके सापेक्ष अद्यतन ₹31,210.57 लाख (21.23 प्रतिशत) व्यय कर कुल 10,44,022 लाभार्थियों को पेंशन का प्रेषण किया जा चुका है। 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले अनुमानित 2,05,000 से 2,15,000 लाभार्थियों हेतु इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत भारत सरकार के निर्देशानुसार पेंशन का प्रेषण अब ‘एस०एन०ए० स्पर्श माड्यूल से किया जा रहा है।
प्रदेश के राज्यमंत्री दिव्यांगजन ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम त्रिमाही में कुष्ठावस्था पेंशन योजना की प्रगति कुल ₹4,860.00 लाख के बजट आवंटन (जिसमें से 25.33 प्रतिशत व्यय) के सापेक्ष कुल 13,734 लाभार्थियों को ₹1,231.17 लाख का भुगतान पर मंत्री महोदय असंतोष व्यक्त करते हुऐ तीव्र गति से कार्य करने के सम्बधित अधिकारियों को निर्देश दिये। कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अन्तर्गत ₹3,840.00 लाख की धनराशि का बजट प्राविधानित किया गया, जिसके तहत प्रदेश भर में 989 चिन्हांकन शिविरों की तिथियाँ निर्धारित कर पात्र दिव्यांगजनों के चिन्हांकन की कार्यवाही जारी है। अब तक 27,300 पात्र दिव्यांगजन चिन्हित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल योजना के अन्तर्गत ₹600.00 लाख के बजट की व्यवस्था की गयी है। निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल वितरण योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में प्रदेश के सभी 75 जनपदों हेतु प्रति जनपद 15 ट्राईसाईकिल के हिसाब से कुल 1,125 मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दिव्यांगजन योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी के निर्देश
दिव्यांगजन के पूनर्वास एवं उसको सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा विभागीय दुकान निर्माण/संचालन योजना के अन्तर्गत अब तक सिर्फ 237 दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया, जो बजट का 22.23 प्रतिशत है, जिस पर मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता एवं लापरवाही क्षम्य न होगी।
प्रदेश की 350 तहसीलों, 18 मण्डल मुख्यालयों तथा 07 महत्वाकांक्षी जनपदों यथा: बहराइच, बलरामपुर, चन्दौली, फतेहपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र में स्थायी होर्डिंग्स के माध्यम से प्रचार-प्रसार किये जाने के प्रकरण पर शीघ्र कार्यवाही को सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये ताकि प्रचार-प्रसार पर व्यय की जाने वाली धनराशि का सद्पयोग हो सके। जितनी जल्दी होर्डिंग स्थापित हो सकेंगे उतना ही योजनाओं का प्रचार जनता के मध्य हो सकेगा। तकनीक के इस युग में सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जाए जो आज कल बहुत प्रचलित है और इसका प्रभाव भी जनता पर बहुत गहरा पड़ता है।
बैठक में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक विकास शर्मा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण के संयुक्त निदेशक रणजीत सिंह के अतिरिक्त अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थें।
