संजय मिश्र।
देवरिया। देवरिया में भाजपा जिलाध्यक्ष को लेकर कई दिनों से चल रही अटकलों पर गुरुवार शाम विराम लग गया। पार्टी ने संगठन के पुराने और भरोसेमंद चेहरे, सलेमपुर के पूर्व विधायक काली प्रसाद को जिले की कमान सौंप दी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक काली प्रसाद की सभी जातियों में अच्छी पकड़ और मिलनसार छवि को देखते हुए यह फैसला लिया गया। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस नियुक्ति को भाजपा की जमीनी मजबूती की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
कौन हैं काली प्रसाद
5 जून 1967 को भागलपुर विकास खंड के देवकली गांव में जन्मे काली प्रसाद का राजनीतिक सफर करीब तीन दशक पुराना है। 1996 से 2001 तक भागलपुर के भाजपा समर्थित ब्लॉक प्रमुख रहे। इसके बाद 2005-2010 में जिला पंचायत सदस्य और 2006-2011 तक जिला योजना समिति के सदस्य रहे।
संगठन में 2009-2012 तक जिला मंत्री, 2013 में प्रदेश परिषद सदस्य, 2017-2019 तक जिला महामंत्री और गोरखपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2017 में सलेमपुर सुरक्षित सीट से विधायक बने और 2022 तक विधानसभा में रहे। 2022 में टिकट कटने के बावजूद पार्टी के लिए लगातार सक्रिय रहे।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
नियुक्ति के बाद कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी ने एक जमीनी नेता को मौका दिया है जो बूथ स्तर तक हर कार्यकर्ता के साथ खड़ा रहता है। इस मौके पर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने कहा, “पार्टी ने जो विश्वास जताया है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करूंगा। संगठन को और मजबूत करना और 2027 के विधानसभा चुनाव में जिले की सभी सीटों पर कमल खिलाना लक्ष्य है।” गौरतलब है कि भाजपा ने गुरुवार को वाराणसी, गोरखपुर समेत कुल 5 जिलों में नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की है।
