ऐतिहासिक पल: पहली बार भाजपा की सरकार
डेस्क। शनिवार, 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल में राजनीतिक इतिहास रचा गया जब सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। स्वतंत्रता के बाद यह पहली बार है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य की सत्ता में आई है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री उपस्थित थे।
2026 विधानसभा चुनाव: भाजपा की भारी जीत
पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया, जबकि पिछले 15 वर्षों से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस केवल 80 सीटों पर सिमट गई। यह नतीजा राज्य की राजनीतिक तस्वीर में बड़े बदलाव का संकेत है।
सुवेंदु अधिकारी: विधायक दल के नेता से मुख्यमंत्री तक
भाजपा ने चुनाव से पहले ही अपने वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी को विधानसभा दल का नेता चुना। अमित शाह ने बैठक के बाद इसकी औपचारिक घोषणा की और कहा कि अधिकारी को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इसके तुरंत बाद अधिकारी ने राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी नेतृत्व के आशीर्वाद से उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने अपनी जीत को पार्टी और जनता के विश्वास का परिणाम बताया।
भवानीपुर में ऐतिहासिक जीत
सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर से चुनाव लड़ा। भवानीपुर में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगभग 15,000 मतों से हराकर राजनीतिक इतिहास रचा। यह जीत न केवल व्यक्तिगत रूप से, बल्कि भाजपा के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इसने पार्टी को राज्य में पहली बार सत्ता में आने का मार्ग प्रशस्त किया।
शपथ ग्रहण समारोह: नई सरकार का आरंभ
कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में अधिकारी के साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक ने भी मंत्री पद की शपथ ली। समारोह में भारी संख्या में जनता और पार्टी समर्थक मौजूद थे।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव
भाजपा की यह जीत न केवल राज्य में सत्ता का नया समीकरण लाई, बल्कि लंबे समय तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया। सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना और भवानीपुर में ममता बनर्जी की हार राज्य की राजनीति में बड़े राजनीतिक उलटफेर के रूप में देखा जा रहा है। भविष्य में भाजपा की नेतृत्व वाली सरकार से राज्य में नीति और प्रशासनिक दिशा में बदलाव की उम्मीद है। यह नया अध्याय पश्चिम बंगाल के लिए अवसर और चुनौतियों दोनों लेकर आएगा।
