TN

TotaRam News

What's Hot

बजट बाद वेबिनार में जिला अस्पतालों में ट्रॉमा केयर सुधार पर चर्चा

Table of Content

विशेषज्ञों ने 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली को एम्बुलेंस और अस्पतालों के साथ एकीकृत करने पर बल दिया है और जल्द, समन्वित आपातकालीन प्रतिक्रिया की मांग की है

डेस्क। “सबका साथ सबका विकास – जन आकांक्षाओं की पूर्ति” पर आयोजित बजट उपरांत वेबिनार श्रृंखला के अंतर्गत, पैरा 88 के तहत बजट घोषणा: “आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर केंद्रों को सुदृढ़ करना” विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में, देश भर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। बजट के पैरा 88 में बताया गया है कि आपात स्थितियों में अक्सर परिवारों, विशेष रूप से गरीब और कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य देखभाल पर व्यय पड़ता है। सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए, जिला अस्पतालों में आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर केंद्रों की स्थापना करके आपातकालीन स्वास्थ देखभाल एवं ट्रॉमा केयर क्षमताओं को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इस सत्र में नीति निर्माताओं, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों, चिकित्सकों, प्रशासकों और राज्य सरकारों तथा अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने आपातकालीन और ट्रॉमा केयर प्रणालियों को बेहतर बनाने तथा बजट घोषणा के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।
देश में सड़क दुर्घटनाओं, हृदयघात, विषाक्ता, जलने, सांप के काटने आदि जैसी घटनाओं के लिए आपातकालीन चिकित्सा की आवश्यकता सबसे अधिक है। इनमें मृत्यु और दीर्घकालिक दिव्यांगता को रोकने के लिए समय रहते चिकित्सा का मिलना आवश्यक है। विशेषज्ञों ने बताया कि आपातकालीन मामलों में अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या कई जिला अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं के मुकाबले अधिक है। इससे आपातकालीन देखभाल के बुनियादी ढांचे और प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता के बारे में पता चलता है। चर्चा में जिला स्तर पर आपातकालीन चिकित्सा प्रणालियों में कमियों की पहचान करने और सुधार करने में कार्यान्वयन अनुसंधान और डेटा-आधारित दृष्टिकोणों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।

सत्र के दौरान, अस्पताल पहुंचने से पहले की आपातकालीन चिकित्सा सेवा (ईएमएस) प्रणालियों को मजबूत करने, समय पर प्रतिक्रिया और प्रभावी रोगी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए 112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणालियों (ईआरएसएस) को एम्बुलेंस सेवाओं और अस्पतालों के साथ एकीकृत करने पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने आपातकालीन सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणालियों की परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। प्रतिभागियों ने जिला अस्पतालों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया। इसके तहत मौजूदा कैजुअल्टी वार्डों को ट्राइएज एरिया, पुनर्जीवन सुविधाएं, एम्बुलेंस बे, डायग्नोस्टिक्स और आपातकालीन ऑपरेशन थिएटरों सहित आपातकालीन देखभाल विभागों में बदला जाना चाहिए। प्रतिभागियों ने आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर केंद्रों के जल्द निर्माण और आवश्यक उपकरणों की खरीद पर भी चर्चा की और गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन देखभाल सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए सुविधाओं की तैयारी में सुधार और नैदानिक ​​प्रशासन को मजबूत करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

चर्चा के दौरान डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स के लिए संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से क्षमता निर्माण और कार्यबल विकास के महत्व पर जोर दिया गया। आपातकालीन चिकित्सा में एमडी और डीएनबी पाठ्यक्रमों के विस्तार, आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी कैडर की स्थापना और कौशल-आधारित प्रशिक्षण पहलों पर चर्चा की गई ताकि एक स्थायी आपातकालीन देखभाल कार्यबल का निर्माण किया जा सके। वेबिनार में डिजिटल एकीकरण और डेटा सिस्टम के महत्व पर भी जोर दिया गया, जिसमें राज्य स्तरीय ट्रॉमा रजिस्ट्री का विकास और राष्ट्रीय ट्रॉमा रजिस्ट्री के साथ एकीकरण, साथ ही ट्रॉमा मामलों की निगरानी और साक्ष्य-आधारित नीतिगत निर्णयों को मजबूत करने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के बेहतर उपयोग शामिल हैं। प्रतिभागियों ने आपातकालीन प्रतिक्रिया और रोगी देखभाल में सुधार के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकियों और निगरानी प्रणालियों की बढ़ती भूमिका पर भी चर्चा की। इस सत्र में आपातकालीन चिकित्सा परिवहन प्रणालियों में राज्य-स्तरीय नवाचारों और एम्बुलेंस को अनुकूलित करने और प्रतिक्रिया समय को कम करने के लिए डेटा-संचालित योजना की क्षमता पर भी प्रकाश डाला गया। सत्र का उद्देश्य आपातकालीन और ट्रॉमा केयर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, अस्पताल-पूर्व और अस्पताल-आधारित प्रतिक्रिया प्रणालियों में सुधार करने और देश भर में समय पर और गुणवत्तापूर्ण आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए कार्रवाई योग्य सिफारिशों की पहचान करना था। चर्चाओं से प्राप्त सिफारिशें केंद्रीय बजट घोषणा के अनुरूप जिला अस्पतालों में आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर केंद्रों को बेहतर बनाने के लिए रुपरेखा को आकार देने में योगदान देंगी। इस सत्र का संचालन नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल ने किया और इसमें 18 अन्य प्रतिभागियों ने विचार-विमर्श किया। वेबिनार और यूट्यूब चैनलों के माध्यम से भी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सत्र में भाग लिया।

अपने समापन भाषण में, डॉ. पॉल ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ज़िला स्तर पर आपातकालीन और ट्रॉमा केयर को बेहतर बनाने के लिए एक व्यवस्थित और परिणाम-उन्मुख दृष्टिकोण की आवश्यकता है जो बुनियादी ढांचे से परे सेवाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करे। उन्होंने समयबद्ध आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया और उपचार में सुधार के लिए प्रमुख संकेतकों की निगरानी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकियों और वास्तविक समय की निगरानी द्वारा समर्थित अस्पताल प्रणालियों, एम्बुलेंस नेटवर्क और सरकारी कार्यक्रमों में अधिक समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया। मानव संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने एक मज़बूत और उत्तरदायी आपातकालीन देखभाल प्रणाली के लिए आपातकालीन देखभाल कर्मियों के निरंतर कौशल विकास और उन्नयन पर भी बल दिया। वेबिनार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री सौरभ जैन, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण में संयुक्त सचिव किरण गोपाल वास्का, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के डीएम सेल से डॉ. प्रदीप खसनोबिस गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रशांत लोखंडे, गृह मंत्रालय के निदेशक अरुण सोबती,  केरल सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में मुख्य अपर सचिव आईएएस डॉ. राजन खोबरागड़े,  आंध्र प्रदेश सरकार में चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के स्वास्थ्य सचिव सौरभ गौर, राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) की कार्यकारी निदेशिका डॉ. मीनू बाजपेयी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी) के पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. अतुल कोटवाल, स्वास्थ्य क्षेत्र कौशल परिषद के सीईओ आशीष जैन, नई दिल्ली स्थित एम्स के आपातकालीन चिकित्सा विभाग में प्रोफेसर डॉ. संजीव भोई,   नई दिल्ली स्थित एम्स में अतिरिक्त प्रोफेसर (टीसी) डॉ. तेज प्रकाश सिन्हा, पुडुचेरी के जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जेआईपीएमईआर) के  इमरजेंसी मेडिसिन में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनु अय्यान, तमिलनाडु हेल्थ सिस्टम प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. एस. विनीत, और जीवीके ईएमआरआई (इमरजेंसी मैनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट) के ईएमएलसी प्रमुख डॉ. रमन राव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

लखनऊ को मिला म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट

लखनऊ। लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट बनकर तैयार हो गया है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को गोमती नगर के विवेक खण्ड में आयोजित ‘गोमतीनगर जनकल्याण महासमिति वार्षिकोत्सव’ में लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित म्यूजियम समेत 5827.9 लाख रूपये की परियोजनाओं का लोकार्पण किया।चौक के हुसैनाबाद में 4,973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में निर्मित इस म्यूजियम...

क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों के बीच हर गाँव तक आधुनिक कृषि मशीनरी पहुँचाएँगे – शिवराज सिंह चौहान

डेस्क। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र के किसानों को उन्नत किस्में, सही फसल अनुशंसा और आधुनिक कृषि यंत्रों की सुलभ सुविधा एक साथ उपलब्ध कराई जाए, ताकि...

मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल को रोजगार का ‘महाकुम्भ’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे उद्घाटन लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को गति देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार निरंतर कार्यरत है। इसी कड़ी में, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तत्वावधान में 13 अप्रैल 2026 दिन सोमवार को मुजफ्फरनगर के नुमाइश ग्राउंड में...

रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का आगाज़, हजारों किसानों का महासंगम

डेस्क। दशहरा मैदान, रायसेन (मध्य प्रदेश) में शनिवार से शुरू हुए तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव, प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण का भव्य शुभारंभ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया, जहाँ मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों किसान,...

अप्रैल–मई में युद्धस्तर पर काम कर जनता को त्वरित लाभ देने पर जोर

लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज लखनऊ स्थित संगम सभागार में नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए मंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पिछली वित्तीय वर्ष में जो योजनाएं किसी कारणवश अधूरी रह गई हैं, उन्हें चालू...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.