रिपोर्ट, संजय मिश्र।
देवरिया: आजकल के दौर में जहाँ लोग शादी समारोहों में भव्यता और लग्जरी की ओर अधिक आकर्षित हैं, वहीं मईल थाना क्षेत्र के भागलपुर कस्बे में अभिषेक यादव की बारात ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह बारात अपनी सादगी और पारंपरिक अंदाज के कारण चर्चा का केंद्र बन गई। बारात को डोली और 10 बैलगाड़ियों के साथ निकाला गया। रास्ते में लोग इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में जुटे। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएँ सभी उत्सुकता से इस अनोखी बारात का आनंद लेते दिखाई दिए। लोगों ने बारात की सादगी और पारंपरिक प्रस्तुति की खूब तारीफ की और इसे प्रेरणा का स्रोत बताया।
दूल्हे के पिता वीरेंद्र यादव, जो कि सेना से सेवानिवृत्त हैं, ने इस बारात में भव्यता से परे, सादगी और परंपरा को महत्व देने का निर्णय लिया। उनका यह कदम न केवल समाज में एक सकारात्मक संदेश दे रहा है, बल्कि यह दिखाता है कि आधुनिक दौर में भी सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं को निभाया जा सकता है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि इस तरह की बारात दूसरों के लिए भी एक उदाहरण है, जो शादी में दिखावे और खर्च की होड़ के बजाय सांस्कृतिक और पारिवारिक मूल्यों को महत्व देती है। बारात की यह खासियत इसे लोगों के लिए यादगार बनाती है और सामाजिक मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चा चल रही है। यह पहल न केवल पारंपरिक परंपराओं को जीवित रखती है, बल्कि समाज में सादगी और नैतिक मूल्यों की जागरूकता भी बढ़ाती है, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ भी इन्हें अपनाने के लिए प्रेरित हों।
