डेस्क। आयुष मंत्रालय के तहत केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस) ने बेंगलुरु स्थित अपने केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) में आयुर्वेदिक विज्ञान इनक्यूबेशन सेंटर (एएसआईसी) के अंतर्गत स्टार्टअप्स के लिए राष्ट्रीय स्तर पर रुचि की अभिव्यक्ति (ईओआई) आमंत्रित की है। आयुष मंत्रालय की प्रमुख योजना “आयुष संस्थानों के जरिए स्टार्टअप इनक्यूबेशन” के तहत स्थापित एएसआईसी का उद्देश्य संरचित मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और नियामक सुविधा के माध्यम से आयुर्वेद में अत्याधुनिक उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है। एएसआईसी को आयुष क्षेत्र में नवाचार-संचालित विकास के उत्प्रेरक के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो उद्यमियों को शोधकर्ताओं, निवेशकों, उद्योग जगत के दिग्गजों और नीति निर्माताओं से जोड़ने वाला एक जीवंत परिवेश प्रदान करता है। इस पहल का उद्देश्य अनुसंधान-आधारित उत्पाद विकास, नवीन आयुर्वेदिक समाधानों के व्यावसायीकरण और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देना है ताकि भारत को साक्ष्य-आधारित पारंपरिक चिकित्सा में वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित किया जा सके।
आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, आयुष मंत्रालय पारंपरिक चिकित्सा में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। बेंगलुरु स्थित सीएआरआई में आयुर्वेदिक विज्ञान इनक्यूबेशन सेंटर शास्त्रीय ज्ञान को समकालीन स्वास्थ्य समाधानों में बदलने के लिए युवा अन्वेषकों को सशक्त बनाएगा। इससे एकीकृत स्वास्थ्य सेवा के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की उभरती प्रतिष्ठा को बल मिलेगा।” आयुष मंत्रालय में सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, “एएसआईसी, आयुष क्षेत्र में एक मजबूत स्टार्टअप परितंत्र बनाने पर भारत सरकार के फोकस को दर्शाता है। वैज्ञानिक मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और नियामक समर्थन प्रदान करके, हमारा लक्ष्य वैश्विक मानकों को पूरा करने वाले उच्च गुणवत्ता वाले, शोध-आधारित आयुर्वेद उत्पादों और सेवाओं के विकास में तेजी लाना है।”
सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रोफेसर रबीनारायण आचार्य ने जोर देते हुए कहा, “नैदानिक अनुसंधान, दवा मानकीकरण और औषधीय पौधों के अध्ययन में बेंगलुरु के मजबूत आधार वाले सीएआरआई के साथ, एएसआईसी आयुर्वेद में परिवर्तनकारी विचारों के लिए एक लॉन्चपैड के रूप में कार्य करेगा। हम इच्छुक उद्यमियों को इस अवसर का लाभ उठाने और एक टिकाऊ तथा नवाचार-आधारित आयुर्वेद उद्योग के निर्माण में योगदान देने के लिए आमंत्रित करते हैं।” बेंगलुरु स्थित केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) की प्रमुख डॉ. सुलोचना भट ने कहा, “अपने मजबूत अनुसंधान आधार और मान्यता प्राप्त सुविधाओं के साथ, सीएआरआई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी आयुर्वेदिक समाधान विकसित करने में स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध है। एएसआईसी नवोन्मेषी विचारों को प्रभावशाली स्वास्थ्य समाधानों में बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करेगा।”
सीसीआरएएस का एक सहायक संस्थान सीएआरआई, बेंगलुरु मधुमेह (डायबिटीज) में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसमें एनएबीएच और एनएबीएल से मान्यता प्राप्त सुविधाएं हैं, यह एक परिधीय फार्माकोविजिलेंस केंद्र के रूप में कार्य करता है, और आईएस/आईएसओ 9001:2015 मानकों के तहत प्रमाणित है, जो एक प्रमुख अनुसंधान और इनक्यूबेशन केंद्र के रूप में इसकी विश्वसनीयता को मजबूत करता है। एएसआईसी जैसी पहलों के माध्यम से, आयुष मंत्रालय नवाचार, अनुसंधान उत्कृष्टता और उद्यमिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाना जारी रखता है। वह यह सुनिश्चित करता है कि आयुर्वेद राष्ट्र और विश्व के लिए निवारक, प्रोत्साहक और टिकाऊ स्वास्थ्य देखभाल के एक गतिशील चालक के रूप में विकसित हो।
आवेदन कैसे करें: इच्छुक आवेदक तीन चरणों वाली सरल प्रक्रिया के माध्यम से इन्क्यूबेशन आवेदन पूरा कर सकते हैं। सबसे पहले, त्वरित सत्यापन के लिए बुनियादी विवरण और एक आधिकारिक ईमेल आईडी का उपयोग करके पोर्टल पर पंजीकरण करें। इसके बाद, डैशबोर्ड में लॉग-इन करें, अपना ईमेल सत्यापित करें और अपनी टीम, उत्पाद विचार और विकास के चरण के बारे में जानकारी प्रदान करके अपनी प्रोफ़ाइल पूरी करें। अंत में, समस्या विवरण, प्रस्तावित समाधान और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के साथ इन्क्यूबेशन आवेदन पत्र भरें। भेजने से पहले ड्राफ्ट सेव कर लें, फिर सबमिट कर सकते हैं।
