डेस्क। सरकार ने सभी को किफायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना स्कीम शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत जन औषधि केंद्र के नाम से जाने जाने वाले विशेष केंद्र देशभर में खोले गए हैं, जहां ब्रांडेड दवाओं की तुलना में लगभग 50 से 80 प्रतिशत कम दरों पर दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इस योजना के अंतर्गत 2,110 दवाएं और 315 शल्य चिकित्सा उत्पाद, चिकित्सा उपभोग्य वस्तुएं और उपकरण शामिल हैं, जिनमें हृदय रोग, कैंसर रोधी, मधुमेह रोधी, संक्रमण रोधी, एलर्जी रोधी और पाचन संबंधी दवाएं और पोषक तत्व जैसी सभी प्रमुख चिकित्सा श्रेणियां शामिल हैं। 2110 जेनेरिक दवाओं की सूची अनुलग्नक के रूप में संलग्न है।
जनऔषधि केंद्रों के माध्यम से आपूर्ति की जाने वाली दवाओं की स्वीकार्यता को बढ़ावा देने के लिए जनऔषधि दवाओं के लाभों के बारे में लक्षित जागरूकता अभियान नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं:
- जागरूकता अभियान : फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई), जो प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना स्कीम की कार्यान्वयन एजेंसी है, केंद्रीय संचार ब्यूरो, पीआईबी, मायगॉव और माय भारत जैसे निकायों और प्लेटफार्मों के समन्वय से प्रिंट, टेलीविजन, रेडियो, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, आउटडोर होर्डिंग्स, सामुदायिक सहभागिता आदि जैसे विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाता है।
- इंटरैक्टिव संदेश/कॉल : जनऔषधि उत्पादों की गुणवत्ता और निकटतम जनऔषधि केंद्र से इन्हें खरीदने पर होने वाली बचत के बारे में नागरिकों को सूचित करने के लिए व्हाट्सएप चैटबॉट और आउटबाउंड कॉल के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाया जाता है और नागरिकों को उनसे जोड़ा जाता है।
- जन औषधि सप्ताह : जन औषधि सप्ताह प्रत्येक वर्ष मार्च के पहले सप्ताह में मनाया जाता है, जिसके दौरान जन औषधि जेनेरिक दवाओं के लाभों के बारे में नागरिकों, स्वास्थ्य पेशेवरों और अन्य हितधारकों को शिक्षित करने के लिए राष्ट्रव्यापी स्तर पर सार्वजनिक रैलियां, स्वास्थ्य शिविर, फार्मेसी कॉलेजों में सेमिनार, बच्चों की भागीदारी के कार्यक्रम आदि जैसे विशेष अभियान आयोजित किए जाते हैं।
- प्रख्यात व्यक्तियों के संदेश : जनऔषधि औषधियों के लाभों को उजागर करने और उनकी गुणवत्ता से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के लिए जन प्रतिनिधियों और प्रख्यात चिकित्सकों जैसे सुप्रसिद्ध व्यक्तियों के ऑडियो/वीडियो संदेश सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किए जाते हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में जन सहभागिता कार्यक्रम : नागरिकों को स्थानीय भाषाओं/बोलियों में शिक्षित करने के लिए, स्वास्थ्य शिविरों, नुक्कड़ नाटकों, सामान्य सेवा केंद्रों पर श्रव्य-दृश्य (ऑडियो-विजुअल) प्रदर्शन और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय जन औषधि केन्द्रों के सहयोग से जन सहभागिता कार्यशालाओं के माध्यम से भी प्रचार किया जाता है।
दादरा और नगर हवेली केंद्र शासित प्रदेश सहित पूरे देश में सस्ती दवाओं की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 31 मार्च, 2026 तक देश भर में खोले गए जन औषधि केन्द्रों की कुल संख्या को बढ़ाकर 20,000 करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जन औषधि केन्द्र खोलने का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं है।