पर्यटन विभाग ने प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लगाए पौधे
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रविवार को प्रदेशभर में आयोजित 35 करोड़ पौधरोपण महाअभियान में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रमुख पर्यटन स्थलों पर व्यापक पौधरोपण कर ‘हरित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को मजबूती दी। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कल्ली पश्चिम में पौधा लगाकर ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ में आहुति दी।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के तहत अपने प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं परियोजनाओं पर लगभग एक लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया। अभियान को सफल और दीर्घकालिक बनाने के लिए सभी चिन्हित स्थलों पर गड्ढों की खुदाई, पौधरोपण स्थलों का विकास, संरक्षण संबंधी व्यवस्थाएं तथा अन्य आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं।
‘हरित उत्तर प्रदेश का संदेश’ अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा, ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं। ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और समृद्ध प्रदेश की मजबूत नींव रखने का संकल्प है। पर्यटन विभाग इस अभियान के माध्यम से प्रदेश के पर्यटन स्थलों को अधिक हरित, आकर्षक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा विश्वास है कि प्रकृति का संरक्षण ही पर्यटन के सतत विकास का आधार है और यही मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री के ‘हरित उत्तर प्रदेश’ एवं सतत विकास के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’
थीम आधारित हरित वाटिकाएं
उन्होंने बताया कि ‘महाअभियान के तहत पर्यटन स्थलों पर पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, शीशम, जामुन, आम, महुआ, बेल और आंवला जैसी स्थानीय एवं पर्यावरण अनुकूल प्रजातियों के पौधे लगाए गए। जिन पर्यटन परियोजनाओं में लैंडस्केपिंग का कार्य प्रस्तावित है, वहां थीम आधारित हरित वाटिकाएं जैसे- नक्षत्र वाटिका, त्रिवेणी वाटिका, हरिशंकरी वाटिका, पंचवटी और नवग्रह वाटिका विकसित की गईं।’
पौधे की जियो-टैग फोटो विभाग को भेजना अनिवार्य
‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए पर्यटन विभाग ने अपने अधीन सभी कार्यदायी संस्थाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों को स्पष्ट लक्ष्य सौंपे। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, यूपी प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड, उत्तर प्रदेश जल निगम तथा उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड समेत सभी कार्यदायी संस्थाओं को पर्यटन परियोजनाओं और स्थलों पर व्यापक पौधरोपण की जिम्मेदारी दी गई।
वहीं, क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालयों के लिए भी जनपदवार लक्ष्य तय किए गए। इसके तहत, लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर क्षेत्रीय कार्यालयों को 10-10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य मिला। वहीं अयोध्या में 8 हजार, बरेली तथा चित्रकूट-झांसी में 5-5 हजार, आगरा और प्रयागराज में 4-4 हजार, मेरठ में 3 हजार तथा अलीगढ़ और बस्ती क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से 2-2 हजार पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया। ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के तहत प्रत्येक पौधे की जियो-टैग फोटो विभाग को भेजना अनिवार्य होगा।
