80 से ज्यादा फिल्मों में किया काम, ऐसे बने ‘जुबली कुमार’
विवेक कुमार गुप्ता।
लखनऊ। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता राजेंद्र कुमार की 12 जुलाई को पुण्यतिथि मनाई जाती है। 12 जुलाई 1999 को उन्होंने 71 वर्ष की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। अपनी शानदार अदाकारी, सादगी भरे अंदाज और भावनात्मक किरदारों के दम पर उन्होंने लाखों दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
राजेंद्र कुमार को बॉलीवुड में ‘जुबली कुमार’ के नाम से जाना जाता था। 1960 के दशक में उनकी कई फिल्में लगातार सफल रहीं और लंबे समय तक सिनेमाघरों में चलती रहीं। यही वजह थी कि उन्हें यह खास उपनाम मिला। उन्होंने अपने करियर में रोमांटिक, पारिवारिक और भावनात्मक भूमिकाओं को बखूबी निभाया। राजेंद्र कुमार ने 1949 में फिल्मी सफर की शुरुआत की थी और चार दशक से अधिक समय तक हिंदी सिनेमा में सक्रिय रहे। उन्होंने 80 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। फिल्म ‘मदर इंडिया’ (1957) में उनके अभिनय को आज भी याद किया जाता है। इस फिल्म में उन्होंने सुनील दत्त और नरगिस जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम किया था।
अभिनेता ने अपने बेटे कुमार गौरव को भी फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च किया। 1981 में आई फिल्म ‘लव स्टोरी’ ने बड़ी सफलता हासिल की और इसके गीतों ने भी दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की। राजेंद्र कुमार का निधन भले ही 1999 में हो गया, लेकिन उनकी फिल्में और यादगार किरदार आज भी हिंदी सिनेमा के इतिहास का अहम हिस्सा हैं। उनकी कला और योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
12 जुलाई को याद किए जाते हैं राजेंद्र कुमार
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता राजेंद्र कुमार की 12 जुलाई को पुण्यतिथि मनाई जाती है। 12 जुलाई 1999 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा था। अपने चार दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर में उन्होंने कई ऐसी फिल्में दीं, जिन्होंने उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल कर दिया। लगातार सफल फिल्मों के कारण उन्हें इंडस्ट्री में ‘जुबली कुमार’ कहा जाने लगा।
विभाजन के बाद भारत आकर शुरू किया संघर्ष
राजेंद्र कुमार का जन्म 20 जुलाई 1927 को तत्कालीन ब्रिटिश भारत के सियालकोट (अब पाकिस्तान) में हुआ था। देश के विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया। शुरुआती दिनों में उन्होंने फिल्मों में अभिनेता बनने के बजाय निर्देशक एच.एस. रावेल के सहायक के रूप में काम किया। कई वर्षों तक पर्दे के पीछे काम करने के बाद उन्हें अभिनय का अवसर मिला और धीरे-धीरे उन्होंने अपनी अलग पहचान बना ली।
‘मदर इंडिया’ से मिली बड़ी पहचान
राजेंद्र कुमार को 1957 में आई फिल्म ‘मदर इंडिया’ से व्यापक पहचान मिली। इस फिल्म में उन्होंने नरगिस और सुनील दत्त के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने कई रोमांटिक और पारिवारिक फिल्मों में अभिनय किया, जिनमें उनके भावनात्मक किरदार दर्शकों को काफी पसंद आए।
क्यों कहा जाता था ‘जुबली कुमार’
1960 के दशक में राजेंद्र कुमार की फिल्मों ने लगातार बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की। उस दौर में उनकी कई फिल्में लंबे समय तक सिनेमाघरों में चलती रहीं। इसी वजह से उन्हें ‘जुबली कुमार’ का नाम मिला। उनकी सादगी, संवाद अदायगी और भावनात्मक अभिनय उनकी सबसे बड़ी पहचान बने।
बेटे कुमार गौरव को लॉन्च किया
1981 में राजेंद्र कुमार ने अपने बेटे कुमार गौरव को फिल्म ‘लव स्टोरी’ से लॉन्च किया। यह फिल्म उस समय की बड़ी सुपरहिट साबित हुई और इसके गीत भी बेहद लोकप्रिय हुए। हालांकि, इसके बाद कुमार गौरव अपने करियर में वैसी सफलता दोहरा नहीं सके।
निर्माता के रूप में भी किया काम
अभिनय के साथ-साथ राजेंद्र कुमार ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रखा। उन्होंने अपने करियर के अंतिम वर्षों में कुछ फिल्मों का निर्माण किया और कई फिल्मों में सहायक भूमिकाएं भी निभाईं। उनकी अंतिम फिल्म 1993 में रिलीज हुई ‘फूल’ थी।
1999 में हुआ निधन
जीवन के अंतिम वर्षों में राजेंद्र कुमार कैंसर से जूझ रहे थे। 12 जुलाई 1999 को 71 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनके जाने के साथ हिंदी सिनेमा ने अपने स्वर्णिम दौर के एक लोकप्रिय अभिनेता को खो दिया।
आज भी जिंदा है उनकी विरासत
राजेंद्र कुमार की फिल्में और उनके निभाए किरदार आज भी हिंदी सिनेमा के दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं। ‘जुबली कुमार’ के नाम से मशहूर इस अभिनेता का योगदान भारतीय फिल्म इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।
