स्वच्छता, सीवरेज, सेप्टेज प्रबंधन और म्युनिसिपल बॉण्ड पर वित्त मंत्री ने दिया विशेष जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि नगर निकायों की वित्तीय आत्मनिर्भरता ही सशक्त और आधुनिक शहरों के विकास का आधार है। बढ़ते शहरीकरण के बीच नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर निकायों को अपनी आय बढ़ाने, वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ करने और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
सुरेश कुमार खन्ना ने आज गोमती नगर, लखनऊ स्थित होटल ताज महल में छठे राज्य वित्त आयोग, यूनिसेफ एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘शहरों की बात सुनना, शहरी चुनौतियों का समाधान’ विषयक सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में प्रदेश के 17 नगर निगमों के महापौरों ने शहरी विकास की चुनौतियों और भविष्य की प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया।
नगर निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्ति कर, म्युनिसिपल बॉण्ड और पर्यटन शुल्क पर जोर
वित्त मंत्री ने स्वच्छता, सीवरेज व्यवस्था, सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले मल के सुरक्षित निस्तारण (सेप्टेज प्रबंधन) तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को शहरी विकास की महत्वपूर्ण प्राथमिकताएं बताया। उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए म्युनिसिपल बॉण्ड जैसे वित्तीय विकल्पों की उपयोगिता पर भी जोर दिया।
सम्मेलन में संपत्ति कर का दायरा बढ़ाने, कर संग्रह में सुधार, उपयोगकर्ता शुल्क और नगर निकायों की परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग से आय बढ़ाने पर मंथन हुआ। धार्मिक एवं पर्यटन नगरों में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के कारण नागरिक सेवाओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव को देखते हुए कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत पर्यटन शुल्क अथवा नगर पर्यटन कर की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
महापौरों ने शहरी सुविधाओं, वित्तीय सशक्तीकरण और समावेशी विकास पर दिया जोर
महापौरों ने पेयजल, स्वच्छता, जल निकासी, कचरा प्रबंधन, नगर नियोजन और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा किए। बच्चों, महिलाओं और वंचित वर्गों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सुरक्षित, स्वच्छ और समावेशी शहर विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। सम्मेलन में 16वें वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग की संवैधानिक भूमिकाओं के संदर्भ में नगर निकायों की वित्तीय स्थिति, संस्थागत क्षमता, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

छठे राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं अपर मुख्य सचिव, वित्त, दीपक कुमार ने उद्घाटन संबोधन किया। आयोग के सचिव सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। नील रतन, आलोक दीक्षित तथा यूनिसेफ के डॉ. सौमेन बागची एवं पियूष एंटनी ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। विशेषज्ञ सत्र में शहरी सेवाओं और वित्तीय प्रबंधन में सुधार के व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए गए।
सम्मेलन में नगर निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त, प्रशासनिक रूप से सक्षम तथा नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार, महापौरों और विशेषज्ञ संस्थाओं के बीच समन्वय एवं सतत संवाद की आवश्यकता पर बल दिया गया।
