- रबी 2025-26 के लक्ष्यों को समय से पूरा करने के अधिकारियों को दिए निर्देश
- कृषि मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में उर्वरक एवं बीजों की उपलब्धता की गहन समीक्षा की
- उर्वरकों की गत वर्ष की अपेक्षा अधिक बिक्री पर कृषि मंत्री ने जताई चिंता
- निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सोमवार को कृषि निदेशालय के सभा कक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों, उप निदेशकों और जिला कृषि अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में वित्तीय प्रगति की समीक्षा, रबी सीजन 2025-26 के लक्ष्यों की प्राप्ति, उर्वरक एवं बीजों की वर्तमान उपलब्धता और वितरण की स्थिति पर बिंदुवार चर्चा की गई।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रदेश के पास पर्याप्त मात्रा में उर्वरक और उन्नत बीज उपलब्ध हैं, इसलिए किसानों को वितरण के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि यदि वितरण प्रणाली में किसी भी स्तर पर शिथिलता या भ्रष्टाचार की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक के दौरान कुछ विशेष जनपदों जैसे हाथरस, खीरी, बलिया, एटा, अलीगढ़, चंदौली, कन्नौज, बदायूं, सोनभद्र में उर्वरकों की अप्रत्याशित रूप से अधिक बिक्री पर माननीय मंत्री जी ने गहरी चिंता व्यक्त की और अधिकारियों को इसकी निरंतर निगरानी रखने के लिए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि यदि अधिकारी ठीक प्रकार से उर्वरकों की बिक्री और स्टॉक की निगरानी नहीं करते हैं, तो उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। वर्तमान रबी सीजन में 30 मार्च, 2026 तक प्रदेश में कुल 51.15 लाख मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई, जिसमें से किसानों द्वारा 39.94 लाख मीट्रिक टन यूरिया का क्रय किया जा चुका है। मार्च माह में यूरिया की बिक्री में 24 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इसी प्रकार, डीएपी की 17.59 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता के सापेक्ष 12.48 लाख मीट्रिक टन की बिक्री हुई है। प्रदेश में अभी भी 11.21 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 5.11 लाख मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक वितरण हेतु अवशेष है।
कृषि मंत्री ने निर्देशित किया कि अवशेष बीजों का वितरण और कृषि यंत्रों का सत्यापन कार्य 31 मार्च तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी 2025-26 हेतु 18.78 लाख किसानों के सफल बीमा और ‘विंड्स’ (WINDS) योजना के तहत ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन व रेन गेज की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, ‘फार्मर रजिस्ट्री’ कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने कम प्रगति वाले जनपदों को तत्काल पंजीकरण की गति बढ़ाने को कहा ताकि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से प्राप्त हो सके।
सूर्य प्रताप शाही ने पी०सी०एफ० और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को उर्वरक रैक से होने वाली आपूर्ति की निरंतर मॉनिटरिंग करने और सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता का बोर्ड अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ‘डबल इंजन’ सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण कृषि निवेश उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता श्री योगेश कुमार, प्रबंध निदेशक पी०सी०एफ० डॉ. चंद्र भूषण और कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे।
