विधानसभा चुनाव के बाद बड़ा राजनीतिक उलटफेर
डेस्क। पश्चिम बंगाल में हाल ही में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद अब तमिलनाडु की राजनीति में भी बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। जहां पश्चिम बंगाल में BJP ने पहली बार मुख्यमंत्री पद हासिल कर राजनीतिक इतिहास रचा, वहीं दक्षिण भारत की राजनीति में भी एक नए युग की शुरुआत हो गई है। तमिलनाडु में लोकप्रिय अभिनेता और नेता थलपति विजय, जिनका वास्तविक नाम सी. जोसेफ विजय है, ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। शपथ ग्रहण के साथ ही वह राज्य के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं और उनकी यह एंट्री तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखी जा रही है।
विजय के सत्ता संभालने के साथ ही राज्य में दशकों से चला आ रहा डीएमके और एआईएडीएमके के बीच बारी-बारी से सत्ता परिवर्तन का सिलसिला भी समाप्त हो गया है। करीब छह दशकों से चले आ रहे इस द्विध्रुवीय राजनीतिक ढांचे के टूटने को तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरते हुए कांग्रेस, भाकपा, माकपा, वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से बहुमत हासिल किया। इसके बाद सी. जोसेफ विजय ने सरकार गठन का दावा पेश किया और गठबंधन सरकार का नेतृत्व संभाला।
शपथ ग्रहण समारोह रविवार (10 मई 2026) को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में सुबह 10 बजे आयोजित हुआ। इस दौरान विजय के साथ नौ अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें TVK के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं। कार्यक्रम में कांग्रेस एक प्रमुख सहयोगी दल के रूप में मौजूद रही। समारोह में कई बड़े राजनीतिक नेता भी शामिल हुए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे और मंच पर विजय के साथ उनकी गर्मजोशी चर्चा का विषय रही। वहीं, समारोह स्थल पर अभिनेत्री तृषा कृष्णन की मौजूदगी ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
शपथ लेने के बाद अपने पहले संबोधन में मुख्यमंत्री विजय ने इसे “नई शुरुआत” बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में अब वास्तविक, धर्मनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय पर आधारित नए युग की शुरुआत हुई है। उन्होंने जनता से अपील की कि सरकार को काम करने के लिए समय दिया जाए ताकि परिणाम सामने आ सकें। विजय ने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर श्वेत पत्र जारी करने और शासन में पूर्ण पारदर्शिता लाने की बात कही। साथ ही उन्होंने पिछली सरकारों पर राज्य पर भारी कर्ज डालने का आरोप लगाया और स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जनता से झूठे वादे नहीं करेगी।
