जानें कब-कब उठाई जनता से जुड़े मुद्दों की आवाज
नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से जारी अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया है। गुरुवार देर रात गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने जूस पीकर अपना उपवास खत्म किया।
सोनम वांगचुक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सामने आई खामियों की जिम्मेदारी तय करने और इस विषय को संसद में उठाने की मांग की थी। केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बातचीत के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।
वांगचुक इससे पहले भी कई बार सामाजिक, पर्यावरणीय और लद्दाख से जुड़े मुद्दों को लेकर उपवास कर चुके हैं। उनका आंदोलन मुख्य रूप से लद्दाख की पहचान, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अधिकारों से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा है।
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग
सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र की संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय लोगों के अधिकारों को बेहतर संरक्षण मिल सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण के लिए किया था क्लाइमेट फास्ट
जून 2023 में वांगचुक ने लद्दाख के पर्यावरणीय संकट की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए 9 दिनों का उपवास किया था। यह आंदोलन हिमालयी क्षेत्र के ग्लेशियरों और नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने इस दौरान लद्दाख में प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की थी।
2024 में 21 दिन तक चला था अनशन
मार्च 2024 में सोनम वांगचुक ने लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर 21 दिनों तक भूख हड़ताल की थी। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी भागीदारी की थी। वांगचुक का कहना था कि लद्दाख की भूमि, रोजगार और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए संवैधानिक प्रावधान जरूरी हैं।
दिल्ली में भी किया था आंदोलन
अपनी मांगों को लेकर सोनम वांगचुक अक्टूबर 2024 में दिल्ली पहुंचे थे, जहां उन्होंने कई दिनों तक उपवास किया था। इस आंदोलन के जरिए उन्होंने लद्दाख के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाने का प्रयास किया।
सोनम वांगचुक शिक्षा, पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले प्रमुख कार्यकर्ताओं में शामिल हैं। उनके आंदोलनों का केंद्र हमेशा जनभागीदारी और शांतिपूर्ण तरीके से समस्याओं के समाधान की मांग रहा है।
