TN

TotaRam News

What's Hot

शीतला सप्तमी: व्रत, कथा, पूजा विधि और भोग

Table of Content

डेस्क। शीतला माता को समर्पित शीतला सप्तमी का पर्व इस साल 10 मार्च 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन को कई जगहों पर बसोड़ा पूजा (Basoda Puja) के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं और माता शीतला की विधि-विधान से पूजा कर उन्हें बासी यानी ठंडे भोजन का भोग लगाते हैं। कई लोग शीतला सप्तमी के बजाय शीतला अष्टमी के दिन पूजा करते हैं। जो भक्त अष्टमी के दिन पूजा करते हैं वे सप्तमी को भोग का भोजन तैयार करते हैं, जबकि जो लोग सप्तमी को पूजा करते हैं वे षष्ठी तिथि को ही भोग बनाकर रख लेते हैं। इस साल शीतला सप्तमी का भोग 9 मार्च 2026 को तैयार किया गया है। मान्यता है कि शीतला सप्तमी या अष्टमी के दिन घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता और ताजा भोजन नहीं बनाया जाता। इसलिए माता को चढ़ाया जाने वाला भोग एक दिन पहले ही बनाकर रखा जाता है। परंपरा के अनुसार माता शीतला को चावल और घी का भोग विशेष रूप से अर्पित किया जाता है।

शीतला सप्तमी व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार एक समय एक वृद्धा और उसकी दो बहुओं ने शीतला सप्तमी का व्रत रखा। इस दिन सभी को बासी भोजन करना था, इसलिए भोजन एक दिन पहले ही बना लिया गया था। लेकिन दोनों बहुओं को हाल ही में संतान हुई थी और उन्हें डर था कि बासी भोजन खाने से उनके बच्चे बीमार हो सकते हैं। इसलिए उन्होंने व्रत के नियम का पालन नहीं किया और उसी दिन ताजा रोटियां बनाकर उनका चूरमा खा लिया। जब सास ने उनसे बासी भोजन खाने को कहा तो उन्होंने काम का बहाना बनाकर टाल दिया। इससे माता शीतला क्रोधित हो गईं और उनके नवजात बच्चों की मृत्यु हो गई। जब सास को बहुओं की गलती का पता चला तो उसने उन्हें घर से निकाल दिया। दोनों बहुएं अपने बच्चों के शव लेकर एक बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गईं। तभी वहां ओरी और शीतला नाम की दो बहनें आईं, जो सिर में जुओं से परेशान थीं। बहुओं ने दया दिखाते हुए उनके सिर से जुएं निकाल दीं। इससे प्रसन्न होकर दोनों ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि उनकी गोद फिर से भर जाए। बहुओं ने दुखी होकर बताया कि उनकी गोद तो उजड़ चुकी है। तब शीतला माता ने उन्हें बताया कि यह उनके पाप कर्म का परिणाम है। बहुएं समझ गईं कि वे साक्षात माता शीतला हैं और उनसे क्षमा मांगने लगीं। उनके पश्चाताप से प्रसन्न होकर माता ने उनके मृत बच्चों को जीवित कर दिया। इसके बाद दोनों बहुएं खुशी-खुशी गांव लौटीं और यह चमत्कार देखकर पूरे गांव में शीतला माता की पूजा और शीतला सप्तमी व्रत की परंपरा शुरू हो गई।

शीतला सप्तमी पूजा विधि

  • इस दिन व्रती को सुबह जल्दी उठकर ठंडे जल से स्नान करना चाहिए।
  • इसके बाद व्रत का संकल्प लेकर माता शीतला की विधि-विधान से पूजा करें।
  • माता को एक दिन पहले तैयार किए गए भोजन का भोग लगाएं।
  • पूजा के दौरान शीतला सप्तमी की कथा अवश्य सुनें।
  • माता की आरती करें और रात में जागरण भी किया जाता है।
  • शीतला माता की पूजा में दीपक नहीं जलाया जाता।
  • यदि घर में माता की प्रतिमा नहीं है तो एक मटके पर स्वास्तिक बनाकर उसकी पूजा की जाती है।

शीतला सप्तमी भोग

शीतला सप्तमी के दिन माता को चढ़ाया जाने वाला भोग एक दिन पहले तैयार किया जाता है। इसमें आमतौर पर मीठे चावल, पूड़ी, बेसन की सब्जी, गुजिया और दही-बड़े बनाए जाते हैं। हालांकि इस दिन का मुख्य भोग दही, मीठे चावल और मालपुआ माना जाता है। अगले दिन माता को भोग अर्पित करने के बाद परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर उसी भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

सिपेट (CIPET: IPT), लखनऊ में ‘Student Connect & Orientation Day 2026’ का आयोजन

डिग्री के साथ व्यावहारिक कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की वास्तविक कुंजी: मंत्री कपिल देव अग्रवाल लखनऊ। केंद्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET: IPT), लखनऊ में सोमवार को नवागंतुक छात्र-छात्राओं के स्वागत, मार्गदर्शन एवं करियर निर्माण की सही दिशा तय करने हेतु ‘Student Connect & Orientation Day 2026’ का आयोजन किया गया।...

संस्कृत ज्ञान से सहज ही प्राप्त होती है भारतीय विरासत : अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा

राज्यस्तरीय संस्कृत सप्ताह समापन समारोह में संस्कृत विद्वानों एवं शिक्षकों का सम्मान प्रयागराज / लखनऊ। माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में जिला पंचायत भवन सभागार, प्रयागराज में आयोजित राज्यस्तरीय संस्कृत सप्ताह समापन समारोह-2026 गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह में शिक्षा विभाग के अधिकारियों, संस्कृत के विद्वानों, शिक्षकों तथा संस्कृत प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट...

जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता: केशव मौर्य

जनता दर्शन में उप मुख्यमंत्री ने सैकड़ों नागरिकों की समस्याएं सुनीं लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग, लखनऊ तथा सर्किट हाउस, प्रयागराज में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से आए सैकड़ों नागरिकों से भेंट कर उनकी समस्याएं सुनीं। उप मुख्यमंत्री ने प्रत्येक...

विद्युत कनेक्शन, बिल सुधार, पेयजल एवं जलनिकासी से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मंत्री लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने आज अपने आवास पर जनसुनवाई कर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरता से सुना। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने विद्युत कनेक्शन, विद्युत बिल में सुधार,...

गौशालाओं की व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर 10 सितंबर तक भेजें रिपोर्ट

गौवंश संरक्षण राज्य सरकार की प्राथमिकता लखनऊ। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में गोवंश संरक्षण के साथ-साथ नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण तथा संचारी रोगों की रोकथाम के कार्यों में तेजी लायें और इन सभी कार्यों की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करें जिससे पशुपालकों को...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.