/ Jul 19, 2026

TN

TotaRam News

What's Hot

BHU में राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ का 29वां दीक्षांत समारोह आयोजित

Table of Content

डेस्क। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत स्वायत्त संगठन, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (आरएवी) का 29वां दीक्षांत समारोह और शिष्योपनयन संस्कार समारोह आज वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में आयोजित किया गया। इस समारोह में ‘सर्टिफिकेट ऑफ राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ’ (सीआरएवी) कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित विद्वानों की उपलब्धियों का उत्सव मनाया गया और आयुर्वेद की शाश्वत गुरु-शिष्य परंपरा को पुनः स्थापित किया गया। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने मुख्य अतिथि के रूप में वर्चुअल संदेश के माध्यम से सभा को संबोधित किया।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि काशी जैसे पवित्र शहर में विद्वानों की ऐसी गरिमामयी सभा को संबोधित करना अत्यंत गर्व का विषय है; उन्होंने कहा कि काशी आयुर्वेद ज्ञान का प्राचीन केंद्र है और वह भूमि है जिसका संबंध धन्वंतरि दिवोदास से है। धन्वंतरि दिवोदास को अष्टांग आयुर्वेद में शल्य चिकित्सा विज्ञान का जनक माना जाता है। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी दूरदृष्टि ने बीएचयू को आयुर्वेद शिक्षा के ऐतिहासिक केंद्रों में से एक बनाया। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा की प्रणाली मात्र नहीं है, बल्कि यह समग्र ज्ञान प्रणाली है जो स्वास्थ्य और जीवन के संबंध में व्यापक अंतर्दृष्टि प्रदान करती है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर बल दिया, जिसने पीढ़ी-दर-पीढ़ी आयुर्वेद के ज्ञान को संरक्षित और हस्तांतरित किया है। उन्होंने कहा कि धन्वंतरि, चरक, सुश्रुत और वाग्भट जैसे महान व्यक्तित्व इसी परंपरा से ही उभरे हैं। मंत्री ने राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ के प्रयासों की सराहना की, जिसने सीआरएवी और एमआरएवी जैसे व्यवस्थित कार्यक्रमों के माध्यम से युवा चिकित्सकों को प्रख्यात और अनुभवी वैद्यों से सीधे सीखने का अवसर देकर इस परंपरा को बनाए रखा है। उन्होंने आयुर्वेद शिक्षा और प्रशिक्षण को सुदृढ़ बनाने के लिए आरएवी की शासी निकाय के अध्यक्ष और पद्म भूषण से सम्मानित वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा, तथा आरएवी की निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा के नेतृत्व की भी प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष प्रणालियों की बढ़ती पहुंच पर बल देते हुए, मंत्री ने कहा कि योग और आयुष को वैश्विक पहचान मिली है और वे भारत की स्वास्थ्य कूटनीति में लगातार योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय पारंपरिक चिकित्सा की मान्यता प्राप्त पद्धतियों—आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा रिग्पा और होम्योपैथी में शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम कर रहा है। दीक्षांत समारोह में उपस्थित विद्वानों को संबोधित करते हुए, मंत्री ने कहा कि यह दीक्षांत समारोह न केवल शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक है, बल्कि नई जिम्मेदारी की शुरुआत भी है। उन्होंने उनसे पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ एकीकृत करने और आयुर्वेद को साक्ष्य-आधारित तथा विश्व स्तर पर स्वीकार्य बनाने में योगदान देने का आग्रह किया। श्री जाधव ने चिकित्सा अभ्यास में करुणा, नैतिकता और ‘सॉफ्ट स्किल्स’ (मृदु कौशल) के महत्व पर भी बल दिया।
आयुष मंत्रालय के सचिव पद्म वैद्य राजेश कोटेचा ने उत्तीर्ण हुए विद्वानों को बधाई दी और उन्हें अनुसंधान तथा वैज्ञानिक लेखन में सक्रिय रूप से संलग्न होने के लिए प्रोत्साहित किया; उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आयुष पद्धतियों की विश्वसनीयता और वैश्विक स्वीकृति को सुदृढ़ बनाने के लिए साक्ष्य-आधारित अध्ययन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने मंत्रालय की विभिन्न पहलों पर भी बल दिया। इनमें ‘अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान’ (एआईआईए) संस्थाओं का विकास और ‘ डब्ल्यूएचओ वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र’ का उन्नयन शामिल है। इस केंद्र का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने इस बात पर बल दिया कि विद्यार्थियों को आयुष क्षेत्र की प्रगति में योगदान देते हुए भी अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान और लगन बनाए रखनी चाहिए।

पद्म भूषण और पद्म श्री से सम्मानित तथा आरएवी के शासी निकाय के अध्यक्ष वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि यह संस्थान कुशल आयुर्वेदिक चिकित्सकों को तैयार करने के अपने लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष क्षेत्र का भविष्य बहुत उज्ज्वल है, क्योंकि पारंपरिक चिकित्सा को समर्पित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने युवा चिकित्सकों को प्रोत्साहित किया कि वे “वैद्य” की उपाधि पर गर्व करें और आयुर्वेद को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में अपना योगदान दें। इससे पहले, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ की निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा ने उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने उन्नत प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और आयुर्वेद की “गुरु-शिष्य परंपरा” को संरक्षित करने में संस्थान की भूमिका पर बल दिया। इस समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की, जिनमें डॉ. मनीषा उपेंद्र कोठेकर (अध्यक्ष, भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग – एनसीआईएसएम), प्रो. एस. एन. संखवार (निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान – बीएचयू), प्रो. अमित पात्रा (निदेशक, आईआईटी-बीएचयू), और प्रो. (डॉ.) पी. के. गोस्वामी (डीन, आयुर्वेद संकाय – बीएचयू) शामिल थे। इस अवसर पर, आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली जानी-मानी हस्तियों को “आजीवन उपलब्धि पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। इनमें वैद्य निर्मला शर्मा, केवल कृष्ण ठकराल और गिरधारी लाल मिश्रा प्रमुख थे। कई अन्य प्रतिष्ठित विद्वानों और चिकित्सकों को आरएवी के फेलो से सम्मानित किया गया, उनमें वैद्य योगेन्द्र कुमार शर्मा, वैद्य दिनेश चंद्र कटोच, वैद्य तनुजा मनोज नेसरी, वैद्य भृगुपति पांडे, वैद्य मुरलीधर शर्मा, वैद्य बी. श्रीनिवास प्रसाद, वैद्य उमेश शुक्ला, वैद्य मिलिंद कुलकर्णी, वैद्य पी.के. गोस्वामी, वैद्य एम. मोहन अल्वा, वैद्य पी.एल.टी. गिरिजा, वैद्य राम जयसुंदर, और वैद्य वैष्णव प्रदीप यू शामिल हैं। यह आयोजन पारंपरिक ज्ञान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। इसने आयुर्वेद को विश्व स्तर पर सम्मानित स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के रूप में आगे बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

मंगल पांडे जयंती पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- उनकी वीरता हर भारतीय को प्रेरित करती रहेगी

PM मोदी ने मंगल पांडे जयंती पर किया नमन डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज महान क्रांतिकारी मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनका साहसी जीवन आज भी हर भारतीय को गौरवान्वित करता है और उनकी वीरता की गाथा देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी। प्रधानमंत्री ने...

वाराणसी: नगर विकास मंत्री ए. के. शर्मा ने शुरू किया 76 दिवसीय वार्ड प्रवास अभियान, 2 अक्टूबर तक चलेगा

एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा देश का मॉडल: ए. के. शर्मा वाराणसी। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने रविवार को वाराणसी के शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के सूरजकुंड से 76 दिवसीय वार्ड प्रवास कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह अभियान 2 अक्टूबर तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से जनप्रतिनिधि वार्डों में पहुंचकर स्वच्छता, जनसंपर्क, जनसमस्याओं...

रेलवे लाइन के पार बसे पिवकोल गांव में सड़क का इंतजार, हर बारिश में बढ़ जाती है मुश्किलें

सड़क नहीं होने से पिवकोल गांव के ग्रामीणों का जीवन बदहाल संजय मिश्र। देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का पिवकोल गांव आज भी बुनियादी सड़क सुविधा से वंचित है। आज़ादी के सात दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है। बरसात के दिनों में कच्चा...

लखनऊ में ‘दिल अभी भरा नहीं’ संगीतमय महफ़िल का आयोजन, बॉलीवुड गायिका कीर्ति किलेदार ने बांधा समां

कीर्ति किलेदार और चंद्रशेखर वर्मा की शानदार प्रस्तुति लखनऊ। बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री एवं गायिका कीर्ति किलेदार ने संगीत महफिल में नग्मे भरे गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लखनऊ ने कविता, कहानी और सदाबहार संगीत से सजी एक अविस्मरणीय शाम का अनुभव किया, जब ‘दिल अभी भरा नहीं’ नामक अपनी तरह की अनूठी...

JEECUP Admission 2026-27: वर्किंग प्रोफेशनल डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए Choice Filling और Document Verification की तारीखें जारी

वर्किंग प्रोफेशनल डिप्लोमा प्रवेश के लिए Choice Filling 23 जुलाई से लखनऊ। संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा राज्य की तकनीकी संस्थाओं में संचालित डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में कामगारों (वर्किंग प्रोफेशनल) के प्रवेश सत्र 2026-27 के लिए विकल्प चयन और अभिलेख सत्यापन का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.