दिल्ली। देशभर में चर्चा में रहे NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI को बड़ी कामयाबी मिली है। जांच एजेंसी ने मामले के कथित मुख्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। CBI के मुताबिक, कुलकर्णी पुणे में केमिस्ट्री के लेक्चरर के रूप में कार्यरत था और NTA की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था, जिससे उसे प्रश्नपत्रों तक पहुंच प्राप्त थी। आरोप है कि उसने इसी पहुंच का गलत इस्तेमाल कर परीक्षा से पहले सवाल छात्रों तक पहुंचाए।
सीबीआई ने कुलकर्णी को पुणे से हिरासत में लिया। वह मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर का निवासी बताया जा रहा है। जांच एजेंसी का दावा है कि वही पूरे पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार था। इससे पहले CBI ने मनीषा वाघमारे नामक महिला को भी गिरफ्तार किया था, जिस पर छात्रों को इकट्ठा करने में मदद करने का आरोप है।
जांच में सामने आया कि कुलकर्णी ने पुणे स्थित अपने घर पर कुछ छात्रों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए थे। इन बैठकों में वह कथित तौर पर सवाल, उनके विकल्प और सही जवाब छात्रों को नोट करवाता था। बाद में छात्रों की नोटबुक में लिखे गए सवालों का मिलान 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से किया गया, जिसमें कई सवाल समान पाए गए।
CBI का कहना है कि इस मिलान से यह साबित करने में अहम मदद मिली कि प्रश्नपत्र लीक का संबंध सीधे परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति से था। फिलहाल एजेंसी मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
