अपर्णा यादव ने किया महिला कल्याण संस्थाओं का निरीक्षण
लखनऊ। उपाध्यक्षा राज्य महिला आयोग अपर्णा यादव द्वारा मिशन शक्ति के अन्तर्गत निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनपद लखनऊ में संचालित लोकबन्धु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय, लखनऊ व डॉ0 राम प्रकाश गुप्ता मातृ एवं शिशु रेफरल चिकित्सालय में कन्या जन्मोत्सव मनाया गया जिसमें उपाध्यक्षा द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कार्यक्रम व नवजात बच्चों के साथ केक कटिंग कर बेबी किट वितरण किया गया।
महिला कल्याण विभाग की संस्थाएं राजकीय बालिका गृह, सिंधी खेड़ा, पारा, लखनऊ व वन स्टॉप सेंटर, लोकबन्धु श्री राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय, लखनऊ का निरीक्षण किया। डॉ0 राम प्रकाश गुप्ता मातृ एवं शिशु रेफरल चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान भर्ती महिलाओं से बातचीत की गई एवं लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर एवं पैथालॉजी आदि का निरीक्षण किया गया, जिसमें चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाएं संतोषजनक पायी गई तदोपरान्त महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय बालिका गृह सिंधी खेड़ा, पारा, लखनऊ तथा वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ का निरीक्षण किया गया जिसके दौरान वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ व विज्ञान फाउंडेशन द्वारा एन0आई0ओ0एस0 परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली 63 बालिकाओं को उपाध्यक्षा महोदय द्वारा बैग वितरण किया गया, तत्पश्चात् जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पाण्डेय द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया तथा वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ की प्रशंसा की गयी।
निरीक्षण के दौरान आवासित बालिकाओं व शिशुओं से बातचीत की गई, व्यवस्थाएं बेहतर पायी गयी तथा अधीक्षिका को निर्देशित किया गया कि बालिकाओं के पुनर्वासन के दृष्टिगत बेहतर रणनीति बनाते हुए स्वावलंबी बनाये जाने हेतु निरन्तर कार्यक्रम आयोजित किया जाए तथा बालिकाओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करायी जाए। बालिकाओं को मोटीवेशनल स्टोरी सुनाये जाने के लिए सफल लोगों या बच्चों की कहानी को दृश्य व श्रृव्य माध्यम से डिस्प्ले कराया जाए।
भ्रमण के उपरान्त उपाध्यक्ष द्वारा महिला आयोग स्थित सभागार संख्या 302 में जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ महिला उत्पीड़न की समस्याओं के संबंध में बैठक एवं विचार-विमर्श किया गया, जिसमें सुधाकर शरण पाण्डेय, जिला प्रोबेशन अधिकारी लखनऊ, उ0प्र0 जिला कारागार से अभय कुमार, आपूर्ति विभाग से शैलेन्द्र वर्मा, आई0सी0डी0एस0 से राकेश कुमार शर्मा व वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ से अर्चना सिंह उपस्थित रही।
समीक्षा के दौरान संबंधित विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करते हुए जमीनी स्तर पर लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पंहुचाना सुनिश्चित करें तथा पात्र लाभार्थियों को चिन्ह्ति कर जोड़ने का कार्य सतत रूप से करें।
