- यूपी के मेगा वेलनेस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतरने की तैयारी तेज,’स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन’ में जुटे स्टेकहोल्डर्स
- निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
- स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन में ईशा फाउंडेशन सहित देश के शीर्ष संस्थानों ने साझा किए सुझाव
- बागपत का अंतरराष्ट्रीय योग एवं वेलनेस सेंटर बनेगा वैश्विक आकर्षण- जयवीर सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बागपत में 150 एकड़ से अधिक क्षेत्र में बनने जा रहे अंतरराष्ट्रीय योग एवं वेलनेस सेंटर की तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को लखनऊ के पर्यटन भवन में आयोजित ‘स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन’ में सरकार, निवेशकों और विशेषज्ञों ने इस मेगा प्रोजेक्ट के ब्लूप्रिंट पर मंथन किया। ईशा फाउंडेशन समेत देश के प्रतिष्ठित योग, साधना, नेचुरोपैथी और वेलनेस संस्थाओं से जुड़े 20 से अधिक प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लेकर अपने सवाल और सुझाव साझा किए। सरकार की ओर से बताया गया कि बागपत में बनने जा रहा अंतरराष्ट्रीय योग एवं वेलनेस सेंटर ‘जनता का और जनता के लिए’ समर्पित होगा।
‘स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन’ में देशभर के प्रतिष्ठित संस्थाओं ने ऑनलाइन जुड़कर अपने विचार रखे। इस बैठक में ईशा फाउंडेशन, चड्ढा चैरिटेबल ट्रस्ट, शौर्य नेचुरोपैथी, आबयोगा एसएमएस फाउंडेशन, जीबी कॉर्पोरेशन, हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट, गोपालन फाउंडेशन, द योगा इंस्टीट्यूट और आई चेंज मेकर समेत कई संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
जमीन-रियायतों-नीतियों पर दिखी जिज्ञासा
‘स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन’ के दौरान देशभर से जुड़े निवेशकों और विशेषज्ञों ने न सिर्फ अपने अनुभव साझा किए, बल्कि राज्य सरकार की नीतियों, रियायतों और जमीन अधिग्रहण जैसे अहम मुद्दों पर भी सवाल पूछे। गाजियाबाद से जसपाल सिंह गिल ने अपने चल रहे प्रोजेक्ट्स का अनुभव साझा किया, जबकि कर्नाटक से ऑनलाइन जुड़े शारदा ने उत्तर प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने बागपत प्रोजेक्ट में रुचि जताते हुए सरकार से प्रोत्साहन बढ़ाने की मांग भी की। वहीं, गौरव वाजपेयी ने जमीन अधिग्रहण को लेकर सवाल पूछे और अशोक भार्गव ने 450 करोड़ रुपये के निवेश व तकनीकी पहलुओं पर जानकारी मांगी। पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने सभी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए निवेशकों को उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति के प्रावधानों का हवाला दिया।
अंतरराष्ट्रीय योग एवं वेलनेस सेंटर में क्या होगा खास?
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के हरिया खेड़ा गांव में एक भव्य अंतरराष्ट्रीय योग एवं वेलनेस सेंटर पर्यटन विभाग की स्वामित्व वाली लगभग 65.815 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जाएगी। इस मेगा प्रोजेक्ट में आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक योग और आयुर्वेद को एक ही परिसर में समाहित किया जाएगा। इस वृहद वेलनेस कैंपस में पारंपरिक और आधुनिक स्वास्थ्य प्रणालियों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। यहां 2,000 से 3,000 लोगों की क्षमता वाला भव्य योग हॉल, ओपन योग एरीना और ध्यान केंद्र तैयार किए जाएंगे। इसके साथ ही 200 बेड का अस्पताल, किसान औषधि बाजार, 100 बेड के कॉटेज और कम से कम 1,500 बेड की डॉर्मिटरी भी विकसित की जाएगी।
यही नहीं, कैंपस में स्टाफ आवास, 3,000 लोगों की क्षमता वाला विशाल भोजनालय, रेस्टोरेंट और कैफे, एम्फीथिएटर, ध्यान उद्यान और वॉकिंग ट्रैक जैसी सुविधाएं भी होंगी। पर्यावरण के लिहाज से सोलर ऊर्जा प्रणाली और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे। यह प्रोजेक्ट आधुनिकता के साथ-साथ सतत विकास का भी उदाहरण बनेगा।
सात्विक और अनुशासित जीवनशैली पर रहेगा जोर
अंतर्राष्ट्रीय योग एवं वेलनेस सेंटर में योग प्रशिक्षण, ध्यान कार्यक्रम, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा से लेकर वेलनेस रिट्रीट, शोध एवं प्रमाणन, सात्विक भोजन, ऑर्गेनिक उत्पादों की बिक्री और सांस्कृतिक आयोजन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। खास बात यह है कि पूरे परिसर को पूरी तरह अनुशासित और शुद्ध वातावरण में विकसित किया जाएगा, जहां शराब, धूम्रपान, मांसाहार, प्रदूषण, शोरगुल और किसी भी प्रकार की मनोरंजन गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘बागपत जनपद मेरठ मंडल और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से सटा हिस्सा है। यह क्षेत्र अपनी कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है। बागपत जैन सर्किट का भी अहम अंग है। इसकी धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से विशेष पहचान है। कनेक्टिविटी के लिहाज से यह क्षेत्र काफी सुलभ है। दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा यहां से लगभग 76 किलोमीटर, हिंडन एयरपोर्ट 55 किलोमीटर और नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा करीब 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। विश्वास है यह देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के पर्यटकों और साधकों के लिए एक आकर्षक वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा।’
