TN

TotaRam News

What's Hot

स्वच्छ हाइड्रोजन और उन्नत कार्बन सामग्री उत्पादन के लिए प्रोजेक्ट को मंजूरी

Table of Content

डेस्क। स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने और अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार ने भारत-सिंगापुर प्रस्ताव आमंत्रण के तहत एपीकेमी प्राइवेट लिमिटेड को अपना समर्थन प्रदान किया है। यह सहयोग “फंक्शनल कार्बन नैनोस्ट्रक्चर और डायमंड-ग्राफीन हाइब्रिड सामग्री के नियंत्रित संश्लेषण के लिए एआई-एकीकृत माइक्रोवेव प्लाज्मा सिस्टम” नामक परियोजना के लिए दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य एक साथ CO₂-मुक्त हाइड्रोजन और उच्च-मूल्य वाले कार्बन नैनोमटेरियल के उत्पादन के लिए एक उन्नत प्लाज्मा-आधारित प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म विकसित करना है, जो सतत ऊर्जा प्रणालियों की ओर वैश्विक बदलाव में सहायक सिद्ध होगा।यह परियोजना एक एआई-एकीकृत माइक्रोवेव प्लाज्मा रिएक्टर के विकास पर केंद्रित है, जो कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के बिना मीथेन को कुशलतापूर्वक हाइड्रोजन और उन्नत कार्बन सामग्री में बदलने में सक्षम है। इस सिस्टम में विशेष रूप से डिजाइन किए गए स्वर्लिंग वोर्टेक्स नोजल का उपयोग किया गया है, जो माइक्रोवेव ऊर्जा के अवशोषण को अधिकतम करते हैं। इससे मीथेन को हाइड्रोजन और कार्बन रेडिकल्स में तोड़ना काफी आसान और प्रभावी हो जाता है। जहाँ भारत की एपीकेमी प्राइवेट लिमिटेड औद्योगिक स्तर पर गैस पृथक्करण, क्वेंचिंग और कार्बन संग्रह प्रणालियों के विकास का नेतृत्व करेगी, वहीं सिंगापुर स्थित भागीदार कॉमसेंस रिएक्टर के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए उन्नत रीयल-टाइम प्लाज्मा डायग्नोस्टिक्स और एआई-संचालित कंट्रोल सिस्टम के क्षेत्र में अपना योगदान देगा।

पायलट-स्केल की यह सुविधा प्रति घंटे लगभग 4 किलोग्राम हाइड्रोजन का उत्पादन करने के लिए डिज़ाइन की गई है और इसके साथ ही यह लगभग 12 किलोग्राम उच्च-मूल्य वाली कार्बन सामग्री (जैसे फंक्शनल कार्बन नैनोस्ट्रक्चर और डायमंड-ग्राफीन हाइब्रिड सामग्री) भी तैयार करेगी। यह एकीकृत दृष्टिकोण एक दोहरे राजस्व मॉडल को सक्षम बनाता है, जहाँ प्रीमियम कार्बन उत्पादों की व्यावसायिक बिक्री से हाइड्रोजन उत्पादन की लागत को कम करने में मदद मिलेगी। यह तकनीक माइक्रोवेव प्लाज्मा पाइरोलिसिस पर आधारित है, जो एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें उच्च-तापमान वाले प्लाज्मा डिस्चार्ज का उपयोग करके मीथेन और अन्य हाइड्रोकार्बन को हाइड्रोजन और ठोस कार्बन में तोड़ा जाता है। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में CO₂ का उत्सर्जन बिल्कुल नहीं होता। हाइड्रोजन उत्पादन के लिए पारंपरिक वॉटर इलेक्ट्रोलिसिस की तुलना में, प्लाज्मा पाइरोलिसिस ऊर्जा के मामले में काफी बेहतर है। बेहतर तरीके से डिजाइन किए गए ये सिस्टम बहुत कम ऊर्जा खपत में काम करते हैं और साथ ही ग्रेफाइट, कार्बन ब्लैक और ग्राफीन जैसी मूल्यवान कार्बन सामग्री का उत्पादन भी करते हैं।

प्लाज्मा रिएक्टर नियंत्रण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एकीकृत करके, यह सिस्टम माइक्रोवेव पावर, गैस फीड रेट, इलेक्ट्रॉन घनत्व और प्लाज्मा तापमान जैसे मापदंडों की निरंतर निगरानी करता है। इसमें उपयोग किए गए मशीन लर्निंग एल्गोरिदम, हाइड्रोजन की पैदावार को अधिकतम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और बैटरी-ग्रेड ग्रेफाइट से लेकर उन्नत नैनोस्ट्रक्चर तक की विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए कार्बन सामग्री की संरचना को सटीक बनाने के लिए रिएक्शन पाथवे को गतिशील रूप से अनुकूलित करते हैं।

इस अवसर पर बोलते हुए, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड के सचिव, राजेश कुमार पाठक ने वैश्विक ऊर्जा और स्थिरता की चुनौतियों से निपटने में अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत-सिंगापुर सहयोगात्मक ढांचे के तहत परियोजनाएं उन्नत विनिर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं को एक साथ लाती हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी समाधान विकसित करना संभव हो पाता है। एपीकेमी प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर्स ने भारत-सिंगापुर साझेदारी के माध्यम से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उल्लेख किया कि यह परियोजना स्वच्छ हाइड्रोजन और उन्नत कार्बन सामग्री के लिए अगली पीढ़ी की प्लाज्मा प्रौद्योगिकियों के व्यावसायीकरण में तेजी लाएगी।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

वित्तीय प्रणाली और आम लोगों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है डिजिटल बैंकिंगः नन्दी

बैंकिंग उत्कृष्टता और डिजिटल नवाचार को मिला सम्मान लखनऊ। होटल ताज लखनऊ में इंडियन इन्वेस्टर्स फेडरेशन ( आईआईएफ ) द्वारा आयोजित 11वें डिजिटल बैंकिंग लीडरशिप सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। इस दौरान मंत्री नन्दी ने बैंकिंग और...

योगी सरकार की पहल से यूपी के एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने की कवायद तेज

‘इंडो-जर्मन गेटवे प्रोग्राम’ से एमएसएमई और स्टार्टअप्स को मिलेगा वैश्विक विस्तार का अवसर लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की गई है। विधानसभा सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी से जर्मनी से आए प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट...

UP के MSME को मिलेगा वैश्विक बाजार, योगी सरकार की पहल, इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम का शुभारंभ

यूपी सरकार और जर्मन इंडियन बिजनेस अलायंस (GIBA) के बीच MoU लखनऊ। योगी सरकार उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को इन्वेस्ट यूपी कार्यालय, पिकअप भवन, लखनऊ में इंडो-जर्मन गेटवे कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर...

UP RERA Real Estate Agent Training: 48वां प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

पेशेवर कार्यप्रणाली पर जोर लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने रियल एस्टेट क्षेत्र में बेहतर कार्यप्रणाली और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 48वां रियल एस्टेट एजेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। चार दिवसीय यह प्रशिक्षण बुधवार को ग्रेटर नोएडा स्थित एनआईईटी परिसर में शुरू हुआ। इसका आयोजन छत्रपति शाहू जी...

Surgeon Vice Admiral Dilip Raghavan ने संभाला DG Medical Services (Armed Forces) का पदभार

नौसेना चिकित्सा सेवा में रहा है लंबा अनुभव डेस्क। सर्जन वाइस एडमिरल दिलीप राघवन, वीएसएम ने 1 सितंबर 2026 को महानिदेशक चिकित्सालय सेवा (सशस्त्र बल) का पदभार ग्रहण किया। चेन्नई और मुंबई में जन्मे एवं शिक्षित सर्जन वाइस एडमिरल दिलीप राघवन ने वर्ष 1985 में सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय (एएफएमसी), पुणे में दाखिला लिया और...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.