वर्ल्ड सस्टेनेबल गैस्ट्रोनॉमी डे पर विशेष आयोजन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने गुरुवार को ‘विश्व सतत गैस्ट्रोनॉमी दिवस’ (वर्ल्ड सस्टेनेबल गैस्ट्रोनॉमी डे) के अवसर पर चौक क्षेत्र में विशेष ‘फूड हेरिटेज वॉक’ का आयोजन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और ‘विजिट माई स्टेट उत्तर प्रदेश’ अभियान के तहत आयोजित आयोजन में प्रतिभागियों ने लखनऊ के पारंपरिक व्यंजनों, खानपान की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को करीब से जाना। पर्यटन विभाग के प्रयास ने सस्टेनेबल टूरिज्म और स्थानीय खाद्य परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया।

इस फूड हेरिटेज वॉक में लगभग 40 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें व्यंजन प्रेमी, पर्यटक, विरासत से लगाव रखने वाले और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स शामिल थे। प्रतिभागियों ने चौक क्षेत्र की चर्चित उन गलियों का भ्रमण किया जहां लोकप्रिय व्यंजनों दुकानें हैं। स्थानीय प्रतिष्ठानों के संचालकों से संवाद किया, जिन्होंने पीढ़ियों से लखनऊ की समृद्ध पाक परंपराओं को संरक्षित रखा है। इस दौरान प्रतिभागियों को पारंपरिक अवधी व्यंजनों के विशिष्ट स्वाद तथा उन रोचक कहानियों से परिचित कराया गया, जो आज भी शहर की विशिष्ट गैस्ट्रोनॉमिक पहचान को आकार दे रही हैं।
‘फूड हेरिटेज वॉक के जरिए स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा’
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की खाद्य परंपराओं, शिल्पकला और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़कर पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध है। लखनऊ को यूनेस्को के ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मिली मान्यता उसकी समृद्ध व्यंजन विरासत का प्रमाण है। उन्होंने कहा, फूड हेरिटेज वॉक जैसी पहलों के माध्यम से हमारा उद्देश्य सतत गैस्ट्रोनॉमी को बढ़ावा देना, स्थानीय व्यंजनों को प्रोत्साहित करना तथा पारंपरिक खाद्य समुदायों के योगदान का सम्मान करते हुए उन्हें नई पहचान प्रदान करना है।’
लखनऊ की पाक विरासत से परिचय
फूड हेरिटेज वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने चौक क्षेत्र के प्रमुख स्थलों, जिनमें राजा की ठंडाई, गोल दरवाजा, सेवक राम मिष्ठान भंडार और अकबरी गेट का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें लखनऊ की समृद्ध स्थापत्य विरासत के साथ-साथ उसकी विश्वप्रसिद्ध पाक संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों के इतिहास एवं महत्व से भी अवगत कराया गया।
व्यंजनों के साथ शहर के समृद्ध इतिहास से रूबरू
स्वाद और व्यंजनों के अलावा इस वॉक ने प्रतिभागियों को लखनऊ के बहुआयामी इतिहास को समझने का भी अवसर प्रदान किया। टूर गाइड शेषांक के अनुसार, ‘प्रतिभागियों को शहर से जुड़े कई अल्पज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों से परिचित कराया गया तथा चौक क्षेत्र में स्थित कई प्राचीन मंदिरों के बारे में जानकारी दी गई। मान्यता है कि इनमें से कई मंदिरों का इतिहास करीब 1000 वर्ष से भी अधिक पुराना है। अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागी मोहन जैन ने कहा, ‘फूड हेरिटेज वॉक ने लखनऊ के व्यंजन, संस्कृति और इतिहास का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। यह अनुभव यादगार रहा।’
पर्यटन को नया आयाम दे रहा ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान
यूपीएसटीडीसी के चेयरमैन अमृत अभिजात ने बताया कि ‘किसी भी पर्यटन स्थल की वास्तविक पहचान और उसकी संस्कृति को समझने का सबसे प्रभावी माध्यम वहां के व्यंजन होते हैं। उन्होंने बताया कि ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के तहत ऐसे पर्यटन अनुभव तैयार किए जा रहे हैं, जो पर्यटकों को प्रदेश की विरासत, स्थानीय समुदायों और परंपराओं से जोड़ते हैं। साथ ही, यह पहल जिम्मेदार और सतत पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है।’
‘फूड हेरिटेज वॉक’ उत्तर प्रदेश पर्यटन की व्यापक पहल का हिस्सा है। इसका उद्देश्य लखनऊ को देश के प्रमुख गैस्ट्रोनॉमिक पर्यटन स्थलों के रूप में स्थापित करना है। इसके माध्यम से पर्यटकों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, व्यंजन और विरासत संपदा से रूबरू कराया जा रहा है। साथ ही उन्हें उत्तर प्रदेश के विविध और प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
