बीबीबीपी योजना से बालिका सशक्तिकरण, जन्म के समय गरिमा और शिक्षा को बढ़ावा
Totaram.news. जन्म के समय की देखभाल बच्चे के जीवन और माँ के स्वास्थ्य की नींव रखती है। भारत ने वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण सहायता और संस्थागत प्रसव प्रणालियों के संयोजन के माध्यम से मातृ एवं शिशु देखभाल को मजबूत किया है।
भारत सरकार की प्रमुख पहल, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी), देश भर में बालिकाओं के जीवन रक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 22 जनवरी 2015 को शुरू की गई बीबीबीपी योजना, घटते बाल लिंग अनुपात और व्यापक लिंग आधारित भेदभाव के जवाब में शुरू की गई थी। यह योजना महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमडब्ल्यूसीडी), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (एमओएचडब्ल्यू) और शिक्षा मंत्रालय (एमओई) की संयुक्त पहल है।
बीबीबीपी योजना से बालिका सशक्तिकरण और शिक्षा में सुधार के 11 वर्ष
पिछले ग्यारह वर्षों में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ (बीबीबीपी) एक लक्षित नीतिगत पहल से आगे बढ़कर देशव्यापी जन-आंदोलन बन गया है, जिसने सरकार, मीडिया, नागरिक समाज और समुदायों सहित विभिन्न हितधारकों को सक्रिय रूप से जोड़ने का कार्य किया है। यह पहल बालिका के जन्म के समय उसकी गरिमा, उसकी सुरक्षा तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा तक उसकी पहुंच के महत्व को रेखांकित करते हुए उसके समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण के निर्माण को प्रोत्साहित करती है।
इस योजना ने प्रमुख लैंगिक संकेतकों में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर जन्म के समय लिंग अनुपात (एसआरबी) 2014-15 में 918 से बढ़कर 2024-25 में 929 हो गया है। यह लिंग-भेदभावपूर्ण लिंग चयन को रोकने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
शिक्षा क्षेत्र में, लड़कियों की स्कूली शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। शिक्षा मंत्रालय के एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (यूडीआईएसई) के आंकड़ों के अनुसार, माध्यमिक स्तर पर लड़कियों का नामांकन 2014-15 में 75.51% से बढ़कर 2024-25 में 80.2% हो गया है, जो बेहतर नामांकन दर और आगे की पढ़ाई जारी रखने की दर को दर्शाता है।
बीबीबीपी योजना से बालिका संरक्षण और सशक्तिकरण पर जोर
बीबीबीपी योजना सुरक्षित और गरिमापूर्ण जन्म से शुरू होकर, प्रारंभिक बचपन की देखभाल सुनिश्चित करने और लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने तक, जीवनचक्र दृष्टिकोण पर बल देती है। यह योजना निरंतर समर्थन, सामुदायिक सहभागिता और मंत्रालयों तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय के माध्यम से व्यवहारिक परिवर्तन को मजबूत करती है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय बीबीबीपी ढांचे को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि भारत में प्रत्येक बालिका को संरक्षित, शिक्षित और सशक्त बनाया जाए, जिससे महिला नेतृत्व वाले विकास की परिकल्पना में योगदान दिया जा सके।
