श्रीमद्भागवत कथा और गायत्री महायज्ञ बना आकर्षण का केंद्र
लखनऊ। जनपद बाँदा के चिल्ली धाम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा एवं गायत्री महायज्ञ के भव्य समापन अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सहभागिता कर कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर विशाल जनसमुदाय की उपस्थिति ने आयोजन को आध्यात्मिक एवं सामाजिक चेतना का केंद्र बना दिया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय कथा व्यास डॉ. रामनारायण त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत व्यावहारिक एवं प्रेरणादायी कथा व्याख्यानों ने ग्रामवासियों के अंतर्मन को स्पर्श किया। कथा श्रवण हेतु बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गायत्री महायज्ञ में आहुति अर्पित करते हुए कहा कि “गायत्री परिवार द्वारा गांवों को तीर्थ बनाने का यह अभियान अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायी है। इस पुण्य आयोजन में सम्मिलित होना मेरे लिए सौभाग्य और अविस्मरणीय अनुभव है। भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य कथा, यज्ञीय वातावरण तथा पूज्य संतों का सान्निध्य समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला है।”
गांव को तीर्थ बनाने का संदेश, हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गांव केवल निवास का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार, परंपरा और अध्यात्म के केंद्र रहे हैं। “हमारा ग्राम-हमारा तीर्थ” जैसी पहलें सामाजिक समरसता, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करती हैं।
कार्यक्रम में महामंडलेश्वर विज्ञाना नन्द, महामंडलेश्वर दिव्याबर मुनि (पंजाब), गुरुचरण प्रकाश ब्रह्मचारी, शांतिकुंज प्रतिनिधि सुरेश पाण्डेय, सांसद रमेश अवस्थी, एमएलसी बाबूलाल तिवारी, डॉ. रामराज आनंद, डॉ. डी.सी. गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील पटेल, जिला संघचालक सुरेन्द्र पाठक, सेवा प्रमुख जमुना प्रसाद, ग्राम सेवा प्रमुख राजकुमार, गायत्री परिवार जिला समन्वयक मुदित शर्मा, रामू खरे, मुख्य ट्रस्टी रामजानकी शुक्ला सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम आयोजक रामशरण शास्त्री ने गांव को तीर्थ स्वरूप विकसित करने के संकल्प के साथ आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत की। कथा व्यास डॉ. रामनारायण त्रिपाठी ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए सभी अतिथियों, संतों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया तथा गायत्री परिवार, शांतिकुंज के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
