डेस्क। आईएनएस सागरध्वनि के पहुंचने पर, जहाज का खान्ह होआ मिलिट्री कमांड के उप प्रमुख सीनियर कर्नल ट्रान वान कुओंग ने वियतनाम पीपुल्स नेवी और कोस्ट गार्ड के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्वागत किया। यह जहाज न्हा ट्रांग स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ़ ओशनोग्राफ़ी के साथ वैज्ञानिक आदान-प्रदान करेगा, जिससे समुद्री विज्ञान और समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह यात्रा भारत और वियतनाम के बीच कूटनीतिक व वैज्ञानिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो समुद्र विज्ञान अनुसंधान को आगे बढ़ाने के प्रति उनकी साझी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
ठहराव के दौरान, भारतीय नौसेना वियतनाम पीपुल्स नेवी के साथ विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेगी, जिनमें प्रशिक्षण आदान-प्रदान, क्रॉस-ट्रेनिंग विजिट, मैत्रीपूर्ण खेल कार्यक्रम और संयुक्त योग सत्र शामिल हैं। इसके अलावा, पेशेवर और सामाजिक मेल-जोल की योजना भी बनाई गई है।
आईएनएस सागरध्वनि एक विशेष समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत है, जिसे जुलाई 1994 में कमीशन किया गया था। इस पोत ने समुद्री विज्ञान अनुसंधान के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य किया है, तथा समुद्री ध्वनिकी और नौसेना समुद्र विज्ञान के क्षेत्र में हुई प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह यात्रा वैज्ञानिक उत्कृष्टता, क्षेत्रीय सहयोग और समुद्री क्षेत्र के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है।
