प्रयागराज से चित्रकूट तक ग्रामीण पर्यटन की रही धूम, नंदगांव फार्म स्टे पहुंचे विदेशी छात्र
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन ने विश्व कृषि पर्यटन दिवस के अवसर पर बड़ी पहल की। विभाग ने ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान को गति देते हुए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ग्रामीण पर्यटन गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य गांव आधारित पर्यटन अनुभवों को नई पहचान देना तथा ग्रामीण पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाना रहा। इस दौरान होम स्टे, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय उद्यमिता के माध्यम से पर्यटन आधारित आजीविका को बढ़ावा दिया गया। खास तौर पर ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी और आर्थिक सशक्तिकरण इस अभियान का प्रमुख आधार बना।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पर्यटन ने ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान को गति देने के उद्देश्य से प्रयागराज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, लखनऊ, कन्नौज, महोबा, चित्रकूट, बस्ती, शामली, मथुरा, सहारनपुर, मुज़फ्फरनगर, सिद्धार्थनगर, इटावा सहित प्रदेश के प्रमुख ग्रामीण पर्यटन गांवों और उभरते ग्रामीण पर्यटन स्थलों पर एक साथ विविध गतिविधियों का आयोजन किया। इन आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण जीवन, महिला सशक्तिकरण, कृषि परंपराओं और स्थानीय संस्कृति को नई पहचान देने का प्रयास किया गया।
ओडीओपी प्रदर्शनी से टूर एंड ट्रैवल संवाद सत्र तक
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘विश्व कृषि पर्यटन दिवस के अवसर पर जनपदों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई। इनमें स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और कृषि आधारित वस्तुओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा, टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों के साथ संवाद सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में ग्रामीण पर्यटन की अपार संभावनाओं और पर्यटन के नए आयाम विकसित करने पर विस्तृत चर्चा हुई।’
गांवों में सजे संस्कृति और परंपरा के रंग
विश्व कृषि पर्यटन दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण पर्यटन स्थलों पर सांस्कृतिक, साहित्यिक और जन जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की। लखनऊ में हस्तशिल्प एवं पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी, सहारनपुर में पौधरोपण, शामली में ग्रामीण खेल, चित्रकूट में बुंदेली लोक नृत्य-नाट्य तथा हमीरपुर में निबंध प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं बस्ती और संत कबीर नगर में जागरूकता शिविरों के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं से लोगों को अवगत कराया गया। चंबल वाइल्डरनेस कैंप में आयोजित एक्सपोजर विजिट के दौरान पर्यटकों ने प्राकृतिक सौंदर्य के बीच दर्शनीय स्थलों का भ्रमण और बोटिंग का आनंद लिया
वहीं कन्नौज की एस. विराज एग्री टूरिज्म प्रॉपर्टी में हितधारक परामर्श एवं जागरूकता सत्र आयोजित हुआ, जिसमें कृषि पर्यटन से किसानों की अतिरिक्त आय और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर चर्चा की गई। प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर स्थित सत्यम शिवम सुंदरम एग्री-टूरिज्म प्रॉपर्टी में ग्रामीण जीवनशैली आधारित अनुभवात्मक गतिविधियां, ध्यान सत्र, चूड़ी निर्माण और हस्तशिल्प प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रहीं।
‘मधुमक्खी वाला’ से बच्चों ने सीखी नई बातें
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग एवं उत्तर प्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में युवा पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में राष्ट्रीय उद्योग आश्रम इंटर कॉलेज, देवा रोड (मटियारी) के छात्र-छात्राओं को बाराबंकी के रजौली स्थित ‘मधुमक्खी वाला’ केंद्र का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। यहां बच्चों ने मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को करीब से जाना। विशेषज्ञों ने उन्हें मधुमक्खियों की विभिन्न प्रजातियों, उनके जीवन चक्र, शहद की गुणवत्ता और उसकी शुद्धता की पहचान के बारे में रोचक जानकारी दी।
विदेशी छात्रों को लुभाया नंदगांव
नॉर्वे की राजधानी ओस्लो से आए विद्यार्थियों के दल ने ग्रामीण पर्यटन योजना के तहत पंजीकृत नंदगांव फार्म स्टे का भ्रमण किया। छात्रों ने गांव की पारंपरिक जीवनशैली, स्थानीय संस्कृति और कृषि गतिविधियों को करीब से देखा। ग्रामीण आतिथ्य और लोक परंपराओं से रूबरू होकर उन्होंने भारतीय गांवों की जीवंत संस्कृति का अनुभव प्राप्त किया।
प्रदेश के पर्यटन स्थलों को समझने का समय- अपर मुख्य सचिव
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि ‘विश्व कृषि पर्यटन दिवस गांवों की सांस्कृतिक विरासत, कृषि परंपराओं और स्थानीय जीवनशैली को वैश्विक पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रदेश में अब तक 234 ग्रामीण पर्यटन ग्राम विकसित किए जा चुके हैं, जिनमें मथुरा का जैत, प्रयागराज का श्रृंगवेरपुर, सीतापुर का ठाकुर नगर, बाराबंकी का कठुआ धाम और पीलीभीत का सेहला प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान के जरिए उत्तर प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को गति प्रदान की जा रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में प्रदेश सरकार लोगों को विदेश यात्राओं के बजाय अपने राज्य के पर्यटन स्थलों को देखने और समझने के लिए प्रेरित कर रही है।
