नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश सहित पूरे उत्तर भारत में इन दिनों भीषण गर्मी और लू का प्रकोप चरम पर है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लगातार बढ़ते तापमान ने कई स्थानों पर नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं, वहीं गर्म हवाओं के चलते लोगों का दैनिक जीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज धूप और लू के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बाहरी काम करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण बन गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा सतर्क रहने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव की सलाह दी जा रही है।
शनिवार को बांदा 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया। मौसम के आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 92 भारत के रहे, जिनमें 37 शहर उत्तर प्रदेश के शामिल हैं। इससे प्रदेश में गर्मी की गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश के अन्य शहरों में भी पारा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि आगरा और हमीरपुर में तापमान 44 डिग्री के पार रहा। गाजियाबाद में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी लखनऊ और नोएडा में भी लू के थपेड़ों से लोग परेशान रहे।
दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर आवाजाही कम रही और दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार 27 अप्रैल तक उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना नहीं है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहेगा। हालांकि 28 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश होने के आसार हैं। इससे तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
