- देशभर के बड़े चिकित्सालयों के विशेषज्ञ होंगे शामिल
लखनऊ। श्वसन चिकित्सा के क्षेत्र में ज्ञान, कौशल और इलाज की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग द्वारा 11 एवं 12 अप्रैल 2026 को “रेस्पिवॉक-2026” नामक दो दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षणिक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है।
इसमें देशभर के विभिन्न संस्थानों जैसे एम्स दिल्ली, एम्स रायपुर, एम्स ऋषिकेश से पल्मोनोलॉजिस्ट, जनरल फिजिशियन, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, पीजी रेजिडेंट्स एवं फिजियोथेरेपिस्ट भाग लेंगे।
यह कार्यक्रम केजीएमयू की कुलपति डा० सोनिया नित्यानंद के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन के आयोजक अध्यक्ष रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा० सूर्यकान्त एवं आयोजक सचिव डा० अंकित कुमार हैं। कार्यक्रम की आयोजन समिति में डा० एस. के. वर्मा, डा० आर. ए. एस. कुशवाहा, डा० संतोष कुमार, डा० राजीव गर्ग, डा० अजय कुमार वर्मा, डा० दर्शन कुमार बजाज, डा० आनन्द श्रीवास्तव, डा० ज्योति बाजपेई एवं रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की पूरी टीम इसकी तैयारियों में सक्रिय रूप से जुटी हुई है।
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा० सूर्यकान्त ने बताया कि रेस्पिवॉक-2026 कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य डॉक्टरों और रेजिडेंट्स को एक ऐसा मंच देना है, जहाँ वे नई जानकारी सीख सकें, अपने अनुभवों को साझा कर सकें और इलाज के नए तरीकों को समझ सकें। यह सम्मेलन खास तौर पर युवा डॉक्टरों के लिए सीखने, आपस में जुड़ने और अपनी क्लिनिकल प्रैक्टिस को बेहतर बनाने का अच्छा अवसर प्रदान करेगा, जिससे मरीजों को और बेहतर इलाज मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में श्वसन रोगों की बढ़ती चुनौतियों जैसे—सीओपीडी, अस्थमा, टीबी एवं पोस्ट-कोविड जटिलताओं को देखते हुए यह कॉन्फ्रेंस अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह सम्मेलन विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एक साथ लाकर बेहतर उपचार पद्धतियों पर विचार-विमर्श का अवसर प्रदान करेगा। डा० सूर्यकान्त ने बताया कि विगत वर्षों की तरह होने वाला पूर्व छात्र सम्मेलन का आयोजन इस बार रेस्पिवॉक सम्मेलन के साथ ही किया जा रहा है, जिसमें रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग से पढ़े हुए छात्र देश भर से सम्मिलित होंगे।
रेस्पिवॉक के आयोजक अध्यक्ष डा० सूर्यकान्त ने बताया कि सम्मेलन के प्रथम दिवस पर विभिन्न विषयों पर वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी, जिनमें पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन, मैकेनिकल वेंटिलेशन, इंटरस्टिशियल लंग डिजीज तथा स्लीप मेडिसिन शामिल हैं। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों के प्रैक्टिकल स्किल को मजबूत करना है, ताकि वे अपने क्लिनिकल प्रैक्टिस में इन्हें बेहतर ढंग से लागू कर सकें।
उन्होंने बताया कि दूसरे दिन एम्स व विभिन्न प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से विशेषज्ञों के व्याख्यान, पैनल डिस्कशन और साइंटिफिक सेशन एवं पीजी क्विज जैसे शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें नई अपडेट और गाइडलाइंस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इस सम्मेलन की थीम “रेस्पिवॉक-2026” निरंतर सीखने और आगे बढ़ने की भावना को दर्शाती है। यह आयोजन प्रतिभागियों को ज्ञान और अनुभव साझा करने का एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा।
