डेस्क। उत्तर प्रदेश के वाराणसी की एक अदालत ने कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड और मुख्य सरगना शुभम जायसवाल को भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट-14) की अदालत ने शनिवार को फरार आरोपी शुभम जायसवाल के खिलाफ धारा 84(4) बीएनएसएस के तहत यह आदेश जारी किया। अदालत के आदेश के बाद भी यदि शुभम जायसवाल पुलिस की पकड़ में नहीं आता है, तो कानूनी अनुमति लेकर उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। वहीं, पुलिस मामले में चार्जशीट दाखिल कर कफ सिरप तस्करी से जुड़े आरोपियों को सजा दिलाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
शुभम जायसवाल के खिलाफ पहले से ही गैर-जमानती वारंट, कुर्की से पूर्व उद्घोषणा और अदालत के आदेश की अवहेलना के मामले दर्ज थे। इन मामलों में चार्जशीट दाखिल होने के बाद शनिवार को अदालत ने उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया। गौरतलब है कि 15 नवंबर 2025 को औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने वाराणसी के प्रह्लादघाट स्थित कायस्थान मोहल्ले के निवासी शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद समेत 28 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इन सभी पर कफ सिरप के गैर-चिकित्सकीय उपयोग और अवैध कारोबार को लेकर एनडीपीएस एक्ट सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई थीं।पुलिस जांच में सामने आया है कि शुभम जायसवाल एक संगठित सिंडिकेट का अहम सदस्य है, जो नशीले कफ सिरप के अवैध कारोबार में लिप्त है। इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी।
