पंडित सुनील पांडेय।
लखनऊ। हिंदू धर्म में प्रत्येक माह का अपना अलग धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है, लेकिन वैशाख मास को विशेष रूप से अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। आज से शुरू हो रहा यह महीना न केवल पूजा-पाठ और व्रत-उपवास के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे आत्मशुद्धि, दान-पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति का श्रेष्ठ काल भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान किए गए छोटे-छोटे पुण्य कार्य भी कई गुना अधिक फल प्रदान करते हैं और व्यक्ति को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति दिलाने में सहायक होते हैं।
वैशाख मास को माधव मास भी कहा जाता है, जो भगवान विष्णु के एक नाम से जुड़ा हुआ है। इस पूरे महीने में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस समय भगवान विष्णु की कृपा जल्दी प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति आती है। यही कारण है कि इस माह में श्रद्धालु विशेष रूप से व्रत, स्नान, दान और जप-तप करते हैं।
नक्षत्रों से जुड़ा है वैशाख नाम
हिंदू धर्म में महीनों के नाम नक्षत्रों पर आधारित होते हैं। वैशाख माह का संबंध विशाखा नक्षत्र से माना जाता है, इसी कारण इसका नाम वैशाख पड़ा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में भगवान विष्णु ने कई अवतार लिए थे।
इस माह में हुए प्रमुख अवतार
मान्यता है कि वैशाख मास में
- नर-नारायण
- नृसिंह
- भगवान परशुराम
जैसे दिव्य अवतार हुए थे। इसके अलावा माता सीता का जन्म भी इसी माह में माना जाता है। इस दौरान किए गए दान, पुण्य और पवित्र नदियों में स्नान का फल अश्वमेध यज्ञ के समान बताया गया है।
स्कंद पुराण में वैशाख मास का महत्व
धार्मिक ग्रंथ स्कंद पुराण के अनुसार, जिस प्रकार विद्याओं में वेद, मंत्रों में ॐ और वृक्षों में कल्पवृक्ष श्रेष्ठ हैं, उसी तरह महीनों में वैशाख मास को सर्वोत्तम माना गया है। इस माह में विधि-विधान से भगवान विष्णु की आराधना करने पर अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है।
स्नान और पूजा का विशेष महत्व
मान्यता है कि इस महीने भगवान विष्णु जल में निवास करते हैं, इसलिए पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार भी आते हैं, जैसे:
- वरूथिनी एकादशी
- मोहिनी एकादशी
- अक्षय तृतीया
वैशाख माह 2026: तिथि और अवधि
पंचांग के अनुसार, वैशाख मास की शुरुआत 3 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) से हो रही है, इस दिन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है।
इस माह का समापन 1 मई 2026 (शुक्रवार) को वैशाख पूर्णिमा के साथ होगा।
