TN

TotaRam News

What's Hot

अश्विनी वैष्णव ने कवच कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की

Table of Content

डेस्क। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रेलवे की स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित रेलगाड़ी सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली कवच ​​की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में तैनाती में तेजी लाने और अधिक कुशल रेलगाड़ी संचालन सुनिश्चित करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

कवच को आगे बढ़ाने वाली तकनीकी प्रगति

भारतीय रेलवे ने कवच में कई अत्याधुनिक सुधार किए हैं। यूनिवर्सल ब्रेकिंग प्रणाली (यूबीए), जो विभिन्न निर्माताओं के ब्रेकिंग कर्व्स को मानकीकृत करता है, अंतरसंचालन सुनिश्चित करता है और बार-बार होने वाले परीक्षणों को समाप्त करता है। बेसलाइन सॉफ्टवेयर, एआई-संचालित डिजाइन स्वचालन और लोकोमोटिव, इंटरलॉकिंग प्रणाली और ट्रैक मशीनों के लिए एकीकरण इंटरफेस में महत्वपूर्ण उन्नयन प्रणाली की मजबूती को और बढ़ा रहे हैं। कवच तैनाती की वास्तविक समय की निगरानी और पूर्वानुमानित रखरखाव को सक्षम करने के लिए एक एकीकृत संचालन प्रबंधन प्रणाली के रूप में एक केंद्रीकृत निगरानी मंच, सुरक्षा, विकसित किया जा रहा है।

अब तक की प्रगति

अब तक कवच को 3,103 किलोमीटर मार्ग पर स्थापित किया जा चुका है। उच्च घनत्व और उच्च उपयोग वाले गलियारों सहित 24,427 किलोमीटर मार्ग पर कवच का कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।

कवच संस्करण 4.0 के कार्यान्वयन के अंतर्गत:

  • दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे प्रमुख गलियारों पर 1,638 किलोमीटर मार्ग पर पहले ही यह प्रणाली चालू हो चुकी है।
  • भारतीय रेलवे ने हाल ही में, दिल्ली-हावड़ा उच्च घनत्व गलियारे के प्रयागराज-कानपुर खंड के 190 किलोमीटर मार्ग पर कवच प्रणाली चालू की है।
  • 7,100 किलोमीटर मार्ग पर ट्रैक के किनारे इंस्टॉलेशन का काम चल रहा है।
  • 8,921 किलोमीटर पर ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाई जा चुकी है, जिसे 1,183 दूरसंचार टावरों और 767 स्टेशनों पर कवच डेटा सेंटर इंस्टॉलेशन द्वारा सपोर्ट किया जा रहा है।
  • 4,277 इंजनों पर कवच प्रणाली लगाई जा चुकी है।
  • 8,979 इंजनों पर काम जारी है।

विस्तार योजनाएँ

कवच लगाना एक जटिल प्रक्रिया है। इसके कार्यान्वयन को और आगे बढ़ाने के लिए, रेलवे अगले दो वर्षों में कवच नेटवर्क को 9,000 किलोमीटर तक विस्तारित करने की योजना बना रहा है और उसके बाद प्रति वर्ष 10,000 किलोमीटर तक बढ़ने की संभावना है।

totaramnews1@gmail.com

totaramnews1@gmail.com http://totaram.news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

यूपी मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना: किसानों के बच्चों को अब सालाना ₹60,000, छात्रवृत्ति सीटें दोगुनी

कृषि विश्वविद्यालय में 90 और महाविद्यालय में 30 विद्यार्थियों को सालाना ₹60 हजार की छात्रवृत्ति लखनऊ। प्रदेश सरकार ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों के लिए कृषि शिक्षा में छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटें दोगुनी कर दी हैं। राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अब प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय...

राजनाथ सिंह का ताजिकिस्तान दौरा 19-20 अक्टूबर को, दुशान्बे में 25वीं SCO बैठक में लेंगे हिस्सा

व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग पर होगी चर्चा डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 19 और 20 अक्टूबर, 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे का दौरा करेंगे। इस दौरान वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शासनाध्यक्ष परिषद (सीएचजी) की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस सम्मेलन में एससीओ सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग...

विंध्याचल में पर्यटन का तेजी से विस्तार, ‘विंध्य त्रिकोण’ से यूपी में शक्तिपीठ पर्यटन को मिल रही रफ्तार

मां विंध्यवासिनी धाम में अगस्त 2026 तक करीब 90 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन लखनऊ/मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के विंध्याचल में धार्मिक पर्यटन का दायरा अब मां विंध्यवासिनी मंदिर से आगे बढ़कर संपूर्ण ‘विंध्य त्रिकोण’ तक विस्तारित हो रहा है। मां विंध्यवासिनी, मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में वर्ष 2025 के दौरान कुल करीब...

बिहार के लछवार दुर्गा मंदिर में लगता है भूतों का मेला, जानिए क्या है मान्यता

आस्था और अंधविश्वास के बीच चर्चा का विषय है यहां की अनोखी परंपरा संजय मिश्र। गोपालगंज। आइए,आपको लेकर चलते उतर प्रदेश के देवरिया जिले से सटे बिहार के गोपालगंज जिले के एक ऐसे मंदिर में जहां नवरात्रि के समय में भूत-प्रेतों का मेला लगता है। बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित लछवार दुर्गा मंदिर श्रद्धालुओं...

लोकतंत्र की सफलता के लिए संविधान और उसकी संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखना आवश्यक है

लोकतंत्र भारत के लोगों की जीवनशैली है हृदयनारायण दीक्षित। लोकतंत्र असाधारण अनुशासन से ही सफल होता है। भारत के संविधान निर्माताओं ने लोकतंत्र को संविधान व्यवस्था का मूल तत्व माना था। संविधान निर्माताओं ने इसीलिए संविधान मे अनेक संस्थाओं की व्यवस्था की। शासन के तीन मुख्य अंग बताए गए। विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका हमारी लोकतांत्रिक...

TN

TOTARAM News

तोताराम न्यूज़ – सच्ची, सरल और ट्रेंडिंग  खबरों का नया ठिकाना।
यहाँ हर खबर मिलेगी बिना तोड़-मरोड़ के, सीधे जनता की आवाज़ के साथ।.

क्विक लिंक्स

पॉपुलर कैटेगरीज़

अवश्य पढ़ें

©2025– TotaRam.news All Right Reserved.