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जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने नीति आयोग का दौरा कर आकांक्षी जिला और ब्लॉक कार्यक्रमों की जानकारी ली

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डेस्क। जर्मनी के ‘ग्लोबल ब्रिजेस’ (Global Bridges) के प्रतिनिधिमंडल ने नीति आयोग का दौरा किया ताकि भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं — आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एडीपी) और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) — के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य जिला और ब्लॉक स्तरों पर विकास परिणामों में तेज़ी लाना और सेवा वितरण को मज़बूत बनाना है। इस अवसर पर आयोजित चर्चा की अध्यक्षता नीति आयोग के अपर सचिव और एडीपी/एबीपी के मिशन निदेशक रोहित कुमार ने की। उन्होंने आकांक्षी जिला और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों की रूपरेखा, कार्यान्वयन ढांचे और प्रभाव का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया।
चर्चा के दौरान रोहित कुमार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये कार्यक्रम ‘3C’ — अभिसरण (Convergence), सहयोग (Collaboration) और प्रतिस्पर्धा (Competition) — के सिद्धांतों पर आधारित हैं। इसके साथ ही, ये कार्यक्रम ‘3F’ — फंड (Funds), कार्य (Functions) और पदाधिकारी (Functionaries) — पर भी केंद्रित हैं, जो केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और जिला व ब्लॉक प्रशासनों के बीच समन्वित कार्रवाई को सुगम बनाते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन और बुनियादी ढांचे जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख विकास संकेतकों को बेहतर बनाना है। यह कार्य लक्षित हस्तक्षेपों और कड़ी निगरानी के माध्यम से किया जाता है। रोहित कुमार ने यह भी बताया कि ये कार्यक्रम प्रगति पर नज़र रखने, विकास संबंधी कमियों की पहचान करने और जिला व ब्लॉक स्तरों पर साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने को संभव बनाने के लिए डेटा-संचालित निगरानी प्रणालियों, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और नियमित क्षेत्र-स्तरीय जुड़ाव का प्रभावी उपयोग करते हैं।

डॉ. स्टीफ़न ट्रेगर के नेतृत्व वाले इस प्रतिनिधिमंडल ने आकांक्षी जिला और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों के तहत हासिल की गई प्रगति की सराहना की। इसके साथ ही, उन्होंने एडीपी/एबीपी के अंतर्गत अपनाए गए मज़बूत निगरानी ढांचे और डेटा-संचालित शासन मॉडल की भी प्रशंसा की। इसके बाद, प्रतिनिधिमंडल ने ‘विकसित भारत रणनीति कक्ष’ (Viksit Bharat Strategy Room) का दौरा किया। वहाँ नीति आयोग की टीम ने यह दिखाया कि किस प्रकार डेटा एनालिटिक्स और विज़ुअलाइज़ेशन उपकरणों का उपयोग करके महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त की जा रही है, विकास संबंधी कमियों की पहचान की जा रही है, और केंद्र, राज्यों व जिलों के स्तर पर साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण को समर्थन प्रदान किया जा रहा है।

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