इस दिन राधा-कृष्ण की पूजा से मिलती है सुख-समृद्धि
डेस्क। होलिका दहन और होली के बाद आने वाला पावन पर्व रंग पंचमी रंगों, खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान की पूजा करने और घर में रंगों से उत्सव मनाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। कई स्थानों पर इस दिन गुलाल से होली खेलने की भी परंपरा है। शास्त्रों के अनुसार रंग पंचमी का दिन देवताओं को समर्पित माना जाता है। जहां धुलेंडी यानी होली पर लोग आपस में रंग खेलते हैं, वहीं रंग पंचमी को देवताओं की होली कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन गुलाल के रंगों के सूक्ष्म कण वातावरण में मौजूद दैवीय शक्तियों को सक्रिय करते हैं, जिससे घर के दोष दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
धार्मिक दृष्टि से यह दिन प्रेम, आनंद और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से राधा-कृष्ण को रंग अर्पित करने से प्रेम संबंध और वैवाहिक जीवन मजबूत होता है तथा जीवन में खुशहाली आती है। मान्यता यह भी है कि रंग पंचमी के दिन देवी-देवता स्वर्ग से पृथ्वी पर आकर होली खेलते हैं। इसलिए इस दिन पूजा-अर्चना करने और भगवान को गुलाल अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धा से किए गए पूजन से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और प्रेम बना रहता है।
रंग पंचमी 2026 की तिथि
पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि इस प्रकार रहेगी:
- पंचमी तिथि प्रारंभ: 07 मार्च 2026, शाम 07:17 बजे
- पंचमी तिथि समाप्त: 08 मार्च 2026, रात 09:10 बजे
इस दिन लोग रंग-गुलाल के साथ उत्सव मनाते हैं और भगवान से सुख, शांति व समृद्धि की कामना करते हैं।
