डेस्क। देशभर में आज रंगों का पर्व होली हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष होली चंद्र ग्रहण के कारण विशेष चर्चा में रही। ज्योतिषीय गणना के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा पर पहले चंद्र ग्रहण लगा, जिसके बाद आज धुलेंडी पर लोगों ने रंगों के साथ होली खेली। ग्रहण के चलते कई स्थानों पर होलिका दहन और रंग खेलने के समय में बदलाव भी किया गया। सुबह से ही शहरों और गांवों में लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दे रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई उत्साह में नजर आ रहा है। जगह-जगह डीजे, ढोल और पारंपरिक गीतों की धुन पर लोग नाचते-गाते दिखाई दे रहे हैं। पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। 4 मार्च को रंगों वाली होली खेली जा रही है। इससे पहले फाल्गुन पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगा था और 2 मार्च को होलिका दहन किया गया। परंपरा के अनुसार रंगों की होली सूर्योदय के बाद से शुरू होती है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुनील पांडेय के अनुसार प्रातः 6:19 से 7:19 बजे के बीच पूजा का विशेष मुहूर्त है। इस दौरान घर के मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण को रंग और गुलाल अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि सबसे पहले भगवान को रंग अर्पित करने से जीवन में प्रेम, सौहार्द और आनंद बना रहता है। पूजा के बाद बड़ों का आशीर्वाद लेकर होली खेलने की शुरुआत करनी चाहिए।
प्रतिपदा तिथि का महत्व
4 मार्च को प्रतिपदा तिथि सूर्योदय से प्रभावी होकर शाम तक रहेगी। प्रतिपदा को नए आरंभ का प्रतीक माना जाता है। होली के बाद से नए संवत्सर की तैयारियां भी प्रारंभ हो जाती हैं। यह दिन पुराने मनमुटाव भुलाकर नई ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है।
होली खेलते समय रखें सावधानी
रंगों की मस्ती के साथ सेहत और सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है। प्राकृतिक और हर्बल रंगों का प्रयोग करें। किसी की इच्छा के विरुद्ध रंग न लगाएं। आंखों और चेहरे की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। बच्चों और बुजुर्गों के साथ संयम और स्नेह से होली खेलें। पानी की बर्बादी से बचें और सूखी होली को प्राथमिकता दें, जिससे पर्यावरण संरक्षण में भी सहयोग मिल सके।
प्रेम और भाईचारे का पर्व
होली का मूल संदेश प्रेम, एकता और उल्लास है। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन के रंग रिश्तों की मधुरता से ही खिलते हैं। आज मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हो रही है और कई स्थानों पर सामूहिक होली मिलन समारोह आयोजित किए गए हैं। प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सके।
