कला के हुनर को मिलेगा राज्य स्तर पर बड़ा मंच, 10 कलाकारों को मिलेंगे 25-25 हजार रुपये
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कलाकारों के लिए अपनी कला को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने का बड़ा मौका है। राज्य ललित कला अकादमी (संस्कृति विभाग) की ओर से ’36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी 2026-27′ का आयोजन किया जा रहा है। इसमें चित्र, रेखांकन, ग्राफिक यानी छापा कला, मूर्ति, पोर्ट्रेट यानी व्यक्ति चित्र-मूर्ति, वॉश और पारंपरिक कला विधाओं में कलाकार अपनी कृतियां भेज सकेंगे। प्रदर्शनी में शामिल होने के लिए प्रविष्टि शुल्क और छायाचित्र जमा करने की प्रक्रिया 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। खास बात यह है कि अकादमी की ओर से प्रदर्शनी में चयनित अति विशिष्ट कृतियों के लिए 10 कलाकारों को 25-25 हजार रुपये, प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न दिए जाएंगे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि, राज्य ललित कला अकादमी का उद्देश्य प्रदेश में दृश्य कला को बढ़ावा देना और छात्र-छात्राओं के साथ युवा, स्थापित और वरिष्ठ कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना है। अकादमी दूरदराज के जिलों के कलाकारों को भी अपनी योजनाओं से जोड़ती है। इसके तहत राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियां, पुरस्कार, छात्रवृत्ति, कला शिविर, कार्यशालाएं, संगोष्ठियां और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। युवा कलाकारों को एकल प्रदर्शनी के लिए आर्थिक सहायता और निर्धारित नियमों के तहत निशुल्क वीथिका आरक्षण भी दिया जाता है। उन्होंने बताया अकादमी की ओर से वर्ष 2024 से भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की संबद्धता में दृश्य कला की स्नातक शिक्षा बीवीए भी शुरू की गई है। आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों की मदद के लिए कलाकार कल्याण कोष बनाया गया है, जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 से पद्मश्री बाबा योगेंद्र कला सम्मान भी शुरू किया गया है, जिसके तहत 51 हजार रुपये, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए जाते हैं।
36वीं कला प्रदर्शनी में आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर, शुल्क 300 रुपये
इस प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए 300 रुपये प्रवेश शुल्क देना होगा। शुल्क निदेशक, राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के नाम नकद, मनीऑर्डर या लखनऊ में देय बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जमा किया जा सकता है। विवरण पत्र यानी शेड्यूल, छायाचित्र, जीवन परिचय और पोर्ट्रेट से संबंधित सामग्री कलाकार स्वयं या उचित माध्यम से अकादमी के पते पर भेज सकते हैं। 31 अक्टूबर 2026 के बाद न तो शुल्क और न ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा। एक कलाकार केवल एक ही विधा में भाग ले सकेगा। आवेदन अकादमी द्वारा निर्धारित प्रपत्र पर ही करना होगा। चयन के पहले चरण में आवेदन के साथ भेजे गए छायाचित्रों के आधार पर कृतियों का चयन होगा और दूसरे चरण में चयनित कृतियों में से पुरस्कार के लिए कृतियों का चयन किया जाएगा।
अकादमी के नियमों के अनुसार 1 अक्टूबर 2025 के बाद बनाई गई कृतियां ही इस प्रदर्शनी के लिए स्वीकार की जाएंगी। ऐसी कृति स्वीकार नहीं की जाएगी जो पहले किसी राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदर्शित हो चुकी हो। छायाचित्र 5×7 इंच के दो-दो स्पष्ट रंगीन फोटो के रूप में भेजने होंगे। फोटो के पीछे केवल कृति का शीर्षक, माध्यम, मूल्य और निर्माण वर्ष लिखा जाना चाहिए। निर्धारित आकार से छोटा फोटो या अतिरिक्त जानकारी लिखे होने पर उसे अस्वीकार किया जा सकता है। चित्र का अधिकतम आकार 4×4 फीट और मूर्ति का अधिकतम आकार 4×4×4 फीट, जबकि मूर्ति का न्यूनतम आकार 2×2 फीट निर्धारित है। मूर्तियां धातु, लकड़ी, पत्थर और फाइबर ग्लास जैसे टिकाऊ पदार्थों की होनी चाहिए। कमजोर सामग्री की मूर्तियां कलाकार की जिम्मेदारी पर स्वीकार की जाएंगी।
36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी के लिए कृति भेजने के नियम तय
छायाचित्रों के चयन के बाद अकादमी की ओर से चयनित कृति भेजने के लिए कलाकारों को अलग से सूचना दी जाएगी। कलाकार अपनी ओर से सीधे कृति अकादमी को नहीं भेज सकेंगे, जब तक अकादमी की ओर से उसे आमंत्रित न किया जाए। निर्धारित समय में कृति अकादमी को नहीं पहुंचने पर उसे प्रदर्शनी और कैटलॉग में शामिल नहीं किया जाएगा। चयन एवं निर्णायक समिति का निर्णय अंतिम होगा। समिति यदि किसी कृति को उच्च स्तर का नहीं मानती है तो पुरस्कार रोक सकती है या पुरस्कारों की संख्या कम कर सकती है, हालांकि पुरस्कार की निर्धारित धनराशि कम नहीं की जाएगी। एक बार राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी का पुरस्कार प्राप्त कर चुके कलाकार भविष्य में इसी प्रतियोगिता में पुरस्कार के लिए हिस्सा नहीं ले सकेंगे, लेकिन प्रदर्शनी में गैर-प्रतियोगी प्रतिभागी के रूप में शामिल हो सकते हैं।

प्रदर्शनी में भेजी जाने वाली कृति उचित फ्रेम में होनी चाहिए और उसके साथ दो लेबल लगाए जाने होंगे। कृति का पार्सल इस तरह मजबूत पैक करना होगा कि परिवहन के दौरान उसे नुकसान न पहुंचे। पैकिंग सही नहीं होने की स्थिति में अकादमी कृति को दोबारा पैक कराकर भेज सकती है और उसका खर्च कलाकार को देना होगा। प्रत्येक बॉक्स के बाहर और अंदर कलाकार का नाम-पता, कृति का शीर्षक और मूल्य अंकित करना होगा। सभी पैकेज पर ‘अन्तर्वस्तु 36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी 2026-27, लखनऊ के लिए है’ लिखना होगा। पार्सल लखनऊ स्टेशन के लिए बुक किया जाना है और सभी पैकेज प्रीपेड फ्रेट के साथ भेजे जाने हैं। प्रदर्शनी में शामिल सभी कलाकारों को एक-एक निशुल्क कैटलॉग भी दिया जाएगा। चयनित कृति को प्रदर्शनी समाप्त होने से पहले हटाने की अनुमति नहीं होगी।
कलाकारों को मंच और प्रोत्साहन देगी 36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी
कलाकार अपनी कृति का उचित मूल्य भी अंकित कर सकेंगे, क्योंकि प्रदर्शनी के दौरान कृतियों की खरीद की संभावना रहेगी। किसी कृति के बिकने की स्थिति में बिक्री राशि से 15 प्रतिशत कलाकार सहायता कोष के लिए काटा जाएगा। 36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी से खरीदी गई कृतियों का कॉपीराइट अकादमी के पास सुरक्षित रहेगा और कलाकार को खरीद की सूचना मिलने के बाद इस संबंध में प्रमाणपत्र देना होगा। प्रदर्शनी से संबंधित आवेदन और पत्राचार राज्य ललित कला अकादमी, लाल बारादरी भवन, ललित कला अकादमी मार्ग, कैसरबाग, लखनऊ-226001 के पते पर किया जा सकता है। अकादमी का दूरभाष 0522-2616033 और ईमेल slka_up@yahoo.com है। अकादमी की ओर से कला प्रदर्शनियों के साथ अखिल भारतीय प्रदर्शनी, छायाचित्र प्रदर्शनी, क्षेत्रीय कला प्रदर्शनियां, वरिष्ठ कलाकारों की रिट्रास्पेक्टिव, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियां, कला शिविर, व्याख्यान, सेमिनार, कला पुस्तकालय, प्रकाशन और कलाकारों के लिए अन्य सुविधाएं भी संचालित की जाती हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बताया कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ ही कलाकारों को उचित मंच और प्रोत्साहन देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। राज्य ललित कला अकादमी के माध्यम से युवा, उभरते, स्थापित और वरिष्ठ कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 36वीं राज्य स्तरीय कला प्रदर्शनी प्रदेश के कलाकारों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा सामने लाने और राज्य स्तर पर पहचान बनाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले कलाकार भी कला गतिविधियों से जुड़ें और उन्हें प्रशिक्षण, प्रदर्शन, पुरस्कार व आर्थिक सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर मिलें।
