AI भाषिणी से यूपी-जापान निवेश संवाद आसान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश को सुगम बनाने और वैश्विक दिग्गजों के साथ संवाद को अधिक समावेशी बनाने के उद्देश्य से राज्य की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी ‘इन्वेस्ट यूपी’ ने भारत सरकार के AI-संचालित बहुभाषी प्लेटफॉर्म ‘भाषिणी’ (Bhasini) के साथ विशेष सहयोग किया है। हाल ही में आयोजित ‘यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026’ में इस साझेदारी का सफल क्रियान्वयन देखने को मिला, जहां भाषिणी की रियल-टाइम अनुवाद तकनीक ने भारतीय और जापानी प्रतिनिधियों के बीच भाषा की बाधा को पूरी तरह खत्म कर दिया।
रियल-टाइम AI स्पीच-टू-टेक्स्ट ने जोड़े भारतीय और जापानी हितधारक
सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब हिंदी में सभा को संबोधित किया, तब ‘भाषिणी’ के ‘श्रुतलेख’ (Shrutlekh) फीचर के माध्यम से उनके भाषण का रियल-टाइम जापानी भाषा में सटीक अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन प्रस्तुत किया गया। इसी प्रकार, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अंग्रेजी संबोधन का भी जापानी भाषा में त्वरित अनुवाद किया गया।
प्लेटफॉर्म ने हिंदी, अंग्रेजी और जापानी के बीच द्विपक्षीय संवाद को सहज बनाया, जिससे दोनों देशों के प्रतिनिधि अपनी-अपनी भाषाओं में प्रभावी ढंग से चर्चा कर सके। इस पूरी प्रक्रिया के केंद्र में ‘श्रुतलेख’ तकनीक रही, जिसने रियल-टाइम स्पीच-टू-टेक्स्ट की सुविधा प्रदान कर इस बहुभाषी संवाद को सफल बनाया।
भाषिणी ने वैश्विक निवेश संवाद में AI की भूमिका को विस्तार दिया
इस तैनाती ने दिखाया कि बहुभाषी AI पारंपरिक अनुवाद से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को कैसे आसान बना सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) द्वारा संचालित ‘भाषिणी’ प्लेटफॉर्म ने यूपी-जापान निवेश सम्मेलन में पारंपरिक अनुवाद से आगे बढ़कर बहुभाषी संवाद को सुगम बनाया। इसने विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, नवाचार, कौशल विकास और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा के दौरान भाषाई बाधाओं को समाप्त किया। वर्तमान में 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को सशक्त बना रहा भाषिणी प्रतिदिन 2.4 करोड़ से अधिक और अब तक 9 अरब से अधिक AI इन्फरेंस प्रोसेस कर चुका है। यह 36 भारतीय लिखित, 23 भारतीय वॉयस और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट कर वैश्विक निवेश और डिजिटल सेवाओं में भाषा AI की भूमिका को नए आयाम दे रहा है।

‘इन्वेस्ट यूपी’ ने भारत-जापान निवेश संवाद को अधिक कनेक्टेड और समावेशी बनाने के लिए भाषिणी के इस तकनीकी सहयोग की सराहना की है।
