लखनऊ। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के समन्वय से प्रदेश में बाढ़ आपदा के प्रति 44 अतिसंवेदनशील एवं संवेदनशील जनपदों में बाढ़ आपदा पर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज का आयोजन 11, जून, 2026 को किया जाना प्रस्तावित है।
मॉक एक्सरसाइज़ के द्वितीय चरण में आज 09, जून, 2026 को Table Top Exercise बैठक का आयोजन ऑडिटोरियम, योजना भवन, लखनऊ में विभागाध्यक्ष एव सदस्य, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नई दिल्ली, भारत सरकार डॉ कृष्णा एस. वत्स तथा प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी, पी.वी.एस.एम, ए.वी.एस.एम, वी.एस.एम,(से.नि.) की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, राजस्व विभाग, एन०डी०आर०एफ०,एस०डी०आर०एफ०, पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग, कृषि विभाग, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ, पंचायती राज, खाद्य एवं रसद, परिवहन विभाग, ऊर्जा विभाग, नागरिक सुरक्षा विभाग, दूरसंचार विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, पशु पालन, लोक निर्माण विभाग, केन्द्रीय जल आयोग, मौसम विभाग, भारतीय रेलवे तथा राज्य स्तरीय अधिकारी तथा सम्बन्धित जिलों के जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) एवं अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए सदस्य, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि इस अभ्यास के दौरान जनपदों द्वारा राहत/बचाव कार्यों की जमीनी कार्यवाही की जानकारी मिलती है साथ ही जिलों को अपने आपदा प्रबंधन योजना एवं बाढ़ योजना की समीक्षा में सहायता एवं सभी विभाग, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 तथा स्थानीय प्रशासन के बीच समन्वय बनाने में सहायता प्राप्त होती है।
बाढ़ आपदा प्रबंधन टेबल टॉप एक्सरसाइज 2026 – उत्तर प्रदेश राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल
बैठक को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष ने बताया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा विगत वर्षों से बाढ़ आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने हेतु जनपदों के साथ मॉक एक्सरसाइज कराया जाता है जिसके माध्यम से राज्य स्तर पर प्रत्येक विभाग और उसके जिलों की आपदा प्रबंधन योजना की समीक्षा की जाती है तथा जिले में आपातकालीन सहायता कार्यों के बीच समन्वय का निरीक्षण किया जाता है। एन0जी0ओ0, समुदाय और मीडिया को शामिल करके व्यापक रूप से आम जनमानस में जनजागरूकता की कार्यवाही की जाती है तथा यदि संसाधनों, जनशक्ति, संचार, प्रतिक्रिया क्षमताओं आदि में कोई अंतराल हो तो उसकी पहचान कर उसे मजबूत करने मे इस प्रकार के मॉक एक्सरसाइज से सहायता भी मिलती है।
टेबल टॉप एक्सरसाइज के प्रथम सत्र में पूर्वानुमान एजेंसियों जैसे आईएमडी, सीडब्ल्यूसी, एफएमआईएससी द्वारा मौसम, भारी वर्षा एवं नदियों के जल स्तर तथा बाढ़ के पूर्वानुमान के बारे में जानकारी दी गयी। बाढ़ के दौरान मुख्य रूप से सहयोगी विभागों जिसमे सिंचाई, स्वास्थ्य, दूरसंचार, पशुपालन, लोक निर्माण, शिक्षा आदि विभागों द्वारा अपनी भूमिका व तैयारी साझा की गई। बाढ़ के दौरान तवरित रिस्पांस में सहयोगी पीएसी, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, होमगार्ड्स, एनसीसी तथा भारतीय सेना द्वारा अपने विभागीय संसाधनों एवं गितिविधियों की जानकारी दी गयी।
इस टेबलटॉप अभ्यास में असम, हरियाणा एवं पंजाब राज्य के प्रतिनिधियों ने अपने प्रदेश के बेस्ट प्रैक्टिस को साझा किया। दूसरे सत्र में एनडीएमए, भारत सरकार के सलाहकार ब्रिगेडियर रविन्द्र गुरुंग (सेनि) द्वारा टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन सभी 44 जनपदों के साथ किया गया जिसमें मुख्य रूप से DEOC/IRS/IRTs का सक्रियकरण, बाढ़ के दौरान निकासी योजना, बाढ़ चेतावनी का प्रसार, राहत शिविर और फील्ड हॉस्पिटल की स्थापना, आधारभूत संरचना क्षति (सड़क/रेलवे/पुल) एवं नाव पलटने की घटना पर प्रतिक्रिया पर चर्चा हुई।
उल्लेखनीय है कि 11 जून, 2026 को प्रदेश के सभी 44 अतिसंवेदनशील एवं संवेदनशील जनपदों के 118 तहसीलों में बाढ़ आपदा पर राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया जाएगा। राज्य स्तरीय अधिकारीयों द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदों में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की जाएगी।
